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Thursday, 29 October 2026
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रूस के हवाई हमलों से यूक्रेन के गैस सेक्टर को भारी नुकसान, बढ़ेगी गैस आयात की जरूरत

कीव, 16 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । रूस द्वारा लगातार किए जा रहे हवाई हमलों ने यूक्रेन के गैस उत्पादन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्तोगाज ने गुरुवार को बताया कि इस महीने देश की कई प्रमुख गैस सुविधाओं को बंद करना पड़ा है, जिससे घरेलू उत्पादन पर असर पड़ा है और अब कीव को अतिरिक्त गैस आयात करनी पड़ रही है।

लगातार हमलों से ठप हुई गैस इकाइयां

नाफ्तोगाज के सीईओ सर्गी कोरेत्सकी ने बताया कि केवल अक्टूबर महीने में ही गैस संयंत्रों पर छह बड़े हमले हुए हैं। हाल के हमलों में कई क्षेत्रों की सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से कुछ को संचालन से रोकना पड़ा है। उन्होंने कहा, “इससे घरेलू गैस उत्पादन की मात्रा पर सीधा असर पड़ा है, जिसे हमें अब आयात से पूरा करना होगा।”

राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने गुरुवार तड़के यूक्रेन के बुनियादी ढांचे पर 300 से अधिक ड्रोन और 37 मिसाइलें दागीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इस शरद ऋतु में रूस हर दिन हमारे ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है।”

सर्दियों के लिए 6 अरब घन मीटर गैस की जरूरत

यूक्रेन की वित्तीय स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण है और सरकार को अब ठंडे महीनों के लिए गैस आयात बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से आर्थिक मदद मांगनी पड़ रही है।

गैस ट्रांजिट ऑपरेटर के पूर्व प्रमुख सेरही मकगोन ने अनुमान लगाया है कि 2025-26 की सर्दियों के लिए यूक्रेन को कम से कम 6.3 अरब घन मीटर गैस की जरूरत होगी, जो ऊर्जा मंत्रालय के 4.6 अरब घन मीटर के अनुमान से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि अगर रूसी हमले और तेज हुए, तो सरकार को उद्योगों और हीटिंग कंपनियों को गैस आपूर्ति सीमित करनी पड़ सकती है।

रूसी जवाबी कार्रवाई और जेलेंस्की की प्रतिक्रिया

रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसकी सेना ने यूक्रेन की गैस सुविधाओं पर “बड़े पैमाने पर हमले” किए हैं। मंत्रालय का कहना है कि ये हमले उन इकाइयों पर किए गए जो यूक्रेनी सेना की मदद कर रही थीं।

दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज की है। गुरुवार को कीव ने रूस के सारातोव क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया। जेलेंस्की ने कहा, “रूसी राष्ट्रपति पुतिन अब किसी की बात नहीं सुनते। अब उन्हें समझाने का एकमात्र तरीका दबाव की भाषा है।”

इस बीच, जेलेंस्की शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे, जिसमें ऊर्जा आपूर्ति और हथियार सौदे प्रमुख एजेंडा होंगे।

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(Udaipur Kiran) / आकाश कुमार राय

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