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Thursday, 29 October 2026
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हिसार में बाल विवाह रोकथाम को बनाया सेल्फी पॉइंट व शपथ बोर्ड

एडीआर सेंटर में बनाया गया सेल्फी प्वाइंट व उपस्थित अधिकारी।

चलाया जा रहा जागरूकता अभियानहिसार, 20 दिसंबर (Udaipur Kiran) । बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक सराहनीय और अनूठी पहल की गई है। इसके तहत एडीआर सेंटर में बाल विवाह न करने और न होने देने को लेकर विशेष सेल्फी पॉइंट बनाया गया है, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।सीजेएम कम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अशोक कुमार ने शनिवार काे बताया कि एडीआर सेंटर में आने वाले लोग इस सेल्फी पॉइंट पर अपनी फोटो खिंचवा रहे हैं और बाल विवाह के खिलाफ संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। सेल्फी पॉइंट पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि ‘हम बाल विवाह नहीं करेंगे और न होने देंगे’। इसका उद्देश्य लोगों को सरल और प्रभावी तरीके से इस गंभीर सामाजिक समस्या के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि आज भी समाज के कुछ हिस्सों में बाल विवाह की घटनाएं सामने आती हैं, जो न केवल कानूनन अपराध हैं बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ हैं। ऐसे में न्यायिक संस्थाओं की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे समाज को कानूनी जानकारी देने के साथ-साथ जागरूक भी करें।एडीआर सेंटर में एक शपथ बोर्ड भी लगाया गया है, जिस पर आने वाले लोग अपने हस्ताक्षर कर यह संकल्प ले रहे हैं कि वे स्वयं बाल विवाह नहीं करेंगे और न ही अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह होने देंगे। इस पहल में महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। अशोक कुमार ने बताया कि शपथ लेने का यह तरीका लोगों के मन में जिम्मेदारी की भावना पैदा करता है। जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से हस्ताक्षर कर संकल्प लेता है, तो वह उस वचन को निभाने के लिए स्वयं को अधिक बाध्य महसूस करता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास प्रभावित होता है। खासकर बालिकाओं को इसके दुष्परिणाम जीवनभर झेलने पड़ते हैं। कम उम्र में विवाह से शिक्षा अधूरी रह जाती है और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी सामने आती हैं।सीजेएम कम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने आमजन से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

(Udaipur Kiran) / राजेश्वर

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