
शाजापुर, 11 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh के शाजापुर में गुरुवार को राज्य साइबर पुलिस द्वारा स्थानीय दरगाह रोड गिरवर स्थित एक मकान पर छापामार कार्रवाई की. साइबर पुलिस को लगातार एडवाइजरी के नाम पर ठगी की शिकायत मिल रही थी. शिकायत पर पुलिस ने यहां तीन घंटे से अधिक समय तक जांच और पूछताछ की. जांच के बाद पुलिस ने यहां से 19 से युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस सभी को वाहन में बिठाकर उज्जैन ले गई है. पुलिस ने मौके से कई संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
बताया जा रहा है कि एडवाइजरी के नाम पर लाखों रुपये की हर महीने की ठगी का मामला सामने आ रहा है, हालांकि अभी पुलिस ने पूरा खुलासा नहीं किया है. यह कारोबार साहिल मंसूरी और फईम गोरी द्वारा संचालित किया जा रहा था. यहां आठ महीने से मकान किराए पर लेकर इनके द्वारा अवैध कारोबार किया जा रहा था. इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है.
साइबर पुलिस उज्जैन में डीएसपी लीना मारौठ ने बताया कि साइबर पुलिस को लंबे समय से यहां ठगी की शिकायत मिल रही थी. शिकायत पर गुरुवार को यहां कार्रवाई की गई. यहां से 13 युवती और 6 युवकों को गिरफ्तार किया गया है. मुख्य आरोपी साहिल मंसूरी और फईम गोरी है, इनके द्वारा कर्मचारियों को रखकर फर्जी सिम का अकाउंट के माध्यम से ठगी की जा रही थी.
डीएसपी लीना मारौठ ने बताया कि गिरोह फर्जी एडवाइजरी कॉल कर लोगों को शेयर खरीदने पर भारी मुनाफे का लालच देता था. इसके बाद पीड़ितों से उनके बैंक खातों में पैसा जमा कराया जाता था. पूछताछ में मुख्य आरोपी साहिल मंसूरी और फईम ने स्वीकार किया कि वे हर महीने 7 से 8 लाख रुपये तक की ट्रांजैक्शन करा लेते थे. हालांकि सटीक राशि का खुलासा बैंक स्टेटमेंट आने के बाद ही हो पाएगा.
इस पूरे मामले में शाजापुर पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है. जिस मकान में यह अवैध कारोबार चल रहा था इसके मालिक खुर्शीद आरा पत्नी असगर अली बोहरा ने मुख्य आरोपी साहिल मंसूरी से रेंट एग्रीमेंट 11 महीने का किया था और इसकी सूचना पुलिस विभाग को भी दी थी. इतना बड़ा कारोबार यहां चल रहा था और इसकी जानकारी शाजापुर पुलिस विभाग को भी थी. लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.
(Udaipur Kiran) तोमर
