
New Delhi, 1 दिसंबर (Udaipur Kiran) . संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर नई एफआईआर होने को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा कि यह मामला नेशनल हेराल्ड का नहीं बल्कि नेशनल हैरेसमेंट का है, जिसे भाजपा बार-बार उछालकर विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है.
संसद भवन के बाहर विजय चौक के पास प्रेस वार्ता में कांग्रेस के विधि और कानून विभाग के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस पूरे मामले में न कोई अपराध हुआ है, न किसी पैसे का लेन-देन, न किसी संपत्ति का स्थानांतरण और न किसी व्यक्ति को कोई लाभ मिला है. इसके बावजूद इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताया जा रहा है. सरकार आर्थिक मंदी, बेरोजगारी, सामाजिक तनाव, विदेश नीति की चुनौतियों और पड़ोसी देशों से बिगड़ते संबंध जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है.
सिंघवी ने सरकार पर विपक्ष को परेशान करने और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस दबाव की राजनीति से न तो डरने वाली है और न ही पीछे हटने वाली. उनके अनुसार यह लड़ाई अदालतों, संसद और जनता तीनों स्तरों पर जारी रहेगी.
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(Udaipur Kiran) / प्रशांत शेखर
