मप्र के चार जिलों में बनेंगे विशेष जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र

Chief Minister  ने की अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा

-Chief Minister ने की अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा

भोपाल, 08 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh के Chief Minister डॉ. मोहन यादव ने शाम को खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा की. इस अवसर पर उन्होंने ने प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को सहेजने पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए संबंधित क्षेत्रों में ‘जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र’ स्थापित किए जाएं. इसके अंतर्गत मंडला में बैगा जनजाति, छिंदवाड़ा में भारिया जनजाति, श्योपुर में सहरिया जनजाति और धार में भील जनजाति के लिए सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे.

Chief Minister डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है. छात्रों के हित के लिए छात्रावासों में नवीन तकनीक का उपयोग कर उन्हें आधुनिक बनाया जाए. निर्माणाधीन छात्रावास भवनों का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें. उन्होंने उच्च शिक्षा एवं स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को त्वरित और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए.

Chief Minister ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में ‘पीएम जनमन योजना’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि इन योजनाओं से न केवल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, बल्कि ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ में समाज में प्रतिबद्ध नेतृत्व भी तैयार किए जाएं, जिससे जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके. इसके अतिरिक्त, Chief Minister डॉ. यादव ने जनजातीय पूजा स्थलों (देव स्थानों) का उन्नयन करने और स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान का स्मरण करने के लिए स्थानीय स्तर पर भव्य आयोजन करने के भी निर्देश दिए.

बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण ई रमेश कुमार, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा उपस्थित थे.

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां

बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में छात्रावासों की सीट क्षमता का अधिकतम उपयोग किया गया है और वर्तमान में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक सीटें भरी जा रही हैं. विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025–26 में 31 नए विद्यार्थियों का चयन किया गया है. 24 विद्यार्थी पहले से अध्ययनरत हैं. सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को UPSC एवं MPPSC की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता और आवास सुविधा प्रदान की जा रही है. वर्ष 2024–25 में कुल 271 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्तरों पर सफलता प्राप्त की है. राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं जैसे IIT, IIM, NIT, NLIU, IIIT आदि में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को विभाग द्वारा नियमित रूप से छात्रवृत्ति प्रदान की गई है.वर्ष 2023-24 में 1736 और वर्ष 2024–25 में 1819 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं.

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना को ऑनलाइन किया गया है. अब आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है. ज्ञानोदय विद्यालयों में 10 विद्यालय वर्तमान में संचालित हैं. इनमें छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा प्रदान की जा रही है. संत रविदास स्व-रोजगार योजना एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना से युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के सभी लंबित प्रकरणों का भुगतान लगभग पूरी तरह कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है. छात्रावास भवन निर्माण में तेजी आई है.कुल 63 में से 33 भवन पूर्ण हो चुके हैं तथा 30 भवन निर्माणाधीन हैं. प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में 150 में से 117 भवन पूरे हो चुके हैं.

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के नवाचार

– POA Act के मामलों का डिजिटल निराकरण

– POA Act 1989 के पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था शुरू की गई .

– MPTAASC पोर्टल (अ.जा.क. विभाग) + CCTNS पोर्टल (पुलिस विभाग) का एकीकरण किया गया.

– अंतरजातीय विवाह योजना का ऑनलाइन सत्यापन

– अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना – ऑनलाइन आवेदन प्रणाली

– वर्ष 2025-26 में MPTAASC पोर्टल पर योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की गई.

– विदेश शिक्षा योजना के लिए नए मेरिट-आधारित मापदंड का निर्धारण किया गया.

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की अगले तीन वर्षों की कार्य योजना

विभाग ने IT सुधार, प्रक्रियागत सुधार, छात्रावास भवन निर्माण, स्वरोजगार योजनाओं के विस्तार और PETC प्रशिक्षण को प्राथमिकता में रखा है. विभागीय MPTAASC पोर्टल का सम्पूर्ण डिजीटाइलेशन की कार्य योजना बनाई गई है, जिसके अंतर्गत सभी योजनाओं को ऑनलाइन लाने का लक्ष्य मार्च 2026 तक निर्धारित किया गया है. दिल्ली छात्रगृह योजना में विद्यार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 करने तथा मासिक सहायता 1766 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है.

जनजातीय कार्य विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां

– एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1846 नियुक्तियां.

– 153 विशिष्ट आवासीय विद्यालय में 54,000 विद्यार्थी.

– 1109 हाई स्कूल एवं 998 हायर सेकेंडरी स्कूल में 2,69,000 जनजाति वर्ग के विद्यार्थी.

– छात्रावास में रह रहे 1,43,000 विद्यार्थियों को आवास सहायता के रूप में 240.42 करोड़ का वितरण.

– 23,59000 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति 766 करोड़ रुपए.

– प्रतियोगी Examination ओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग हेतु 5 भवन निर्माण की स्वीकृति जारी.

– सिविल सेवा Examination में सफल हुए 1250 विद्यार्थियों को 2.60 करोड़ की प्रोत्साहन राशि.

-जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रमों का भव्य आयोजन.

– भगवान बिरसा मुंडा की 150 की जयंती पर जनजाति गौरव उत्सव का राज्य, जिला, विकासखंड , ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर भव्य आयोजन .

– पीएम जनमन योजना में 1.28 लाख से अधिक पी एम आवास मकान पूर्ण.

– ऑन-ग्रिड बिजली से 26,810 से अधिक घरों में बिजली प्रदाय.

– सोलर विद्युतिकरण से 835 घरों में बिजली प्रदाय.

– 224 किमी सड़क पूर्ण.

– 40 बहुउद्देशीय केंद्र बने.

– आंगनवाडी केंद्र – 628 संचालित.

– मोबाइल कनेक्टिविटी 42 बसाहटों में.

– नल-जल – 1,689 ग्रामों में कार्य पूर्ण.

– 49 वन धन विकास केंद्र संचालित.

– मोबाइल मेडिकल यूनिट 66 संचालित, कुल 4,40,977 जनजातीय समुदाय के मरीजों का रजिस्ट्रेशन.

– भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला शिवपुरी को Best Performing District अवार्ड.

– धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रधानमंत्री आवास में 44 हजार से अधिक पूर्ण.

– जल जीवन मिशन में 4,245 ग्राम ‘हर घर जल’ से जुडे.

– आरडीएसएस के माध्यम से 8,000 से अधिक बसाहटों में विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर.

– 6 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित.

– 66 नए आंगनवाड़ी केंद्र संचालित, 2,468 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों का उन्नयन प्रस्तावित.

– 104 छात्रावास स्वीकृत.

– 18 मोबाइल टॉवर स्थापित.

– वनाधिकार पट्टाधारकों के लिए कृषि, मत्स्य एवं पशुपालन योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन.

– 14 ग्रामों में 86 जनजातीय होमस्टे प्रस्तावित

– छात्रावासों व आश्रमों के उन्नयन के लिए 447 करोड़ से अधिक का प्रावधान.

– आदि कर्मयोगी अभियान में विकसित मध्यप्रदेश के लिए 03 लाख से अधिक प्रतिबद्ध लीडर तैयार.

– 13,334 विलेज एक्शन प्लान तैयार.

– 13,206 आदि सेवा केन्द्र स्थापित.

– भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को Best Performing State एवं जिला बैतूल को Best Performing District अवार्ड.

जनजातीय कार्य विभाग के नवाचार

– बादल भोई संग्रहालय छिंदवाड़ा, राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह संग्रहालय- जबलपुर की स्थापना.

– डिंडोरी जिले की गोंड पेंटिंग को जी आई टैग.

– विभागीय छात्रावास, आश्रम शालाएं और आवासीय शिक्षण संस्थानों के निरीक्षण के लिए परख एप.

– विभागीय योजनाओं की जानकारी के लिए शालिनी ऐप.

– आदिवाणी ऐप से पिछले 10 वर्षों के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषणों का भीली भाषा में अनुवाद.

जनजातीय कार्य विभाग की अगले तीन वर्षों की कार्य योजना

– मध्यप्रदेश विज़न डाक्यूमेंट 2047 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने हेतु अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, लैब एवं लाइब्रेरी सुविधाओं का उन्नयन का कार्य.

– प्रत्येक जनजातीय विकासखण्ड में सांदीपनि विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना.

– जनजातीय समाज की सामाजिक एवं सास्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए 88 जनजातीय विकासखण्डों में कला भवन की स्थापना.

– पूर्व से संचालित 8 वन्या रेडियो केंद्रों का उन्नयन.

(Udaipur Kiran) तोमर

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