पानीपत जिले के खेल स्टेडियम बदहाल, खिलाड़ी परेशान

शिवाजी स्टेडियम खिलाड़ी बास्केट बॉल का अभ्यास करते हुए.

रोहतक की घटना के बाद शुरू हुआ सर्वे

पानीपत, 30 नवंबर (Udaipur Kiran) . पानीपत में खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए छत्रपति शिवाजी स्टेडियम के रखरखाव न होने के कारण खिलाड़ियों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. स्टेडियम में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर खिलाड़ी लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं.

खेल विभाग के अधिकारी अभी तक गंभीर नहीं दिख रहे. अब जब रोहतक में बास्केटबॉल पोल टूटने से खिलाड़ी की मौत की घटना सामने आई है, अब पानीपत में अधिकारियों की मुश्किल बढ़ती दिख रही है. रोहतक दुर्घटना से सबक लेकर खेल विभाग ने जिले के समालखा, इसरान, सनौली, बापौली, मतलौड़ा के स्टेडियम का सर्वे शुरू किया गया है. गांव सिवाह के पास चौटाला रोड पर 5 साल पहले 27 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक स्टेडियम बनाया गया था. इसमें आउटडोर ट्रैक से लेकर इंडोर मल्टीपर्पज हॉल तक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई. खेल अधिकारियों की लापरवाही और देखरेख की कमी के चलते यहां अव्यवस्थाओं ने अपनी चरम सीमा पार कर ली है. खिलाड़ियों ने बताया कि बास्केटबॉल के पोल पर जंग लगना शुरू हो गया है जो गंभीर हादसे को न्योता दे सकता है.

स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ी मनोज कादियान, मोनू मलिक, कुलदीप, पुष्पेंद्र व संजू का कहना है कि पूरे परिसर में लगी लाइटें लगभग खराब होने के कारण स्टेडियम अंधेरे में डूब जाता है, जिससे अभ्यास करना नामुमकिन है. ओर खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से दी जाने वाली खुराक भी अधिकारी खा जाते. खिलाड़ियों ने कहा कि सीमित रोशनी में दौड़ लगाना और अन्य खेलों का अभ्यास करना खिलाड़ियों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है. खिलाड़ियों ने कहा कि करोड़ों रुपए खर्चा सिर्फ कागजों में मिलता है, जमीनी हकीकत पर नहीं. मूलभूत सुविधाओं की ऐसी स्थिति खेल विभाग की अनदेखी को साफ दर्शाती है. जिला खेल अधिकारी धर्मेंद्र का कहना है कि स्टेडियम में कई तरह के काम जारी हैं और जल्द ही बंद पड़ी लाइटों को ठीक कराया जाएगा.

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(Udaipur Kiran) / अनिल वर्मा

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