Skip to content
Thursday, 29 October 2026
BREAKING
MADHYA PRADESH

मप्र के ग्वालियर में अंबेडकर प्रतिमा विवाद को लेकर कड़ी निगरानी, हर आयोजन पर रोक

क्षेत्रवार तैनात किए कार्यपालक दण्डाधिकारी

– विभिन्न समुदायों के संगठन बोले – शांति व भाईचारा बनाए रखने के लिये हम सब एकजुट

– कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने क्षेत्रवार तैनात किए कार्यपालक दण्डाधिकारी

ग्वालियर, 13 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित उच्च न्यायालय की खंडपीठ के परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना का विवाद गहराता जा रहा है। ताजा मामले में उच्च न्यायालय के वकील अनिल मिश्रा द्वारा डॉ. अंबेडकर पर की गई टिप्पणी से ग्वालियर-चंबल अंचल में तनाव की स्थिति बन गई। मिश्रा के बयान पर दलित संगठनों ने 15 अक्टूबर को ग्वालियर में कड़ा विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर लगातार ग्वालियर पहुंचने की अपील की जा रही है।

वहीं, सवर्ण समाज के संगठनों ने भी 15 अक्टूबर को ग्वालियर पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन करने की बात कही है। दोनों पक्षों की ओर से सोशल मीडिया पर की जा रही अपीलों को देखते हुए ग्वालियर पुलिस ने बलवा और उपद्रव से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की है। जिला प्रशासन सोशल मीडिया से लेकर तमाम कानूनी व्यवस्थाओं पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। पुलिस ने 260 भड़काऊ पोस्टों को‎ हटवाया है। 50 से अधिक लोगों ‎को नोटिस जारी किए हैं। विवादित बयान देने के चलते वकील अनिल मिश्रा के खिलाफ ग्वालियर और महाराष्ट्र में अलग-अलग दो FIR दर्ज हो चुकी हैं।

ग्वालियर जिले के विभिन्न सामुदायिक व सामाजिक संगठनों के साथ संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक अरविन्द कुमार सक्सेना, पुलिस उप महानिरीक्षक अमित सांघी, कलेक्टर रुचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह की मौजूदगी में सोमवार को संयुक्त बैठक हुई। बैठक में विभिन्न सामुदायिक व सामाजिक संगठनों ने साफ तौर पर भरोसा दिलाया है कि 15 अक्टूबर को ग्वालियर जिले में किसी भी संगठन द्वारा कोई भी आयोजन या प्रदर्शन नहीं किया जायेगा। ग्वालियर जिले में शांति, सदभाव व आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिये हम सब एकजुट हैं। एक सुर में विभिन्न सामुदायिक संगठनों द्वारा की गई इस सकारात्मक पहल की सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने सराहना की एवं सभी संगठनों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया है।

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से सामने आईं भड़काऊ व भ्रामक खबरों को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा पिछले दिनों से लगातार विभिन्न सामुदायिक संगठनों के साथ बैठकें की जा रही हैं। इसी कड़ी में सोमवार शाम को विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित हुई। इस बैठक में सभी ने अपने सकारात्मक विचारों का आदान-प्रदान किया। इस बैठक के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सभी ने 15 अक्टूबर को कोई भी कार्यक्रम न करने का पुख्ता भरोसा जिला प्रशासन व पुलिस को दिलाया है।

दीपावली त्यौहार व सोशल मीडिया पर आईं भ्रामक खबरों की वजह से निर्मित हुईं परिस्थितियों को ध्यान में रखकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिये एहतियात बतौर जिला प्रशासन द्वारा पुलिस के साथ मिलकर हर परिस्थिति से निपटने के लिये पुख्ता इंतजाम किए हैं। ग्वालियर व मुरैना की सीमा पर स्थित निरावली सहित ग्वालियर को जोड़ने वाले अन्य मार्गों पर बैरीकेट्स लगाकर वाहनों की बारीकी से चैकिंग की जा रही है। साथ ही आश्रय स्थलों की जाँच भी जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा की जा रही है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रुचिका चौहान द्वारा दीपावली त्यौहार एवं वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखकर क्षेत्रवार कार्यपालक दण्डाधिकारियों की तैनाती की गई है।

कलेक्टर द्वारा अलग-अलग प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर प्रतिबंध, बगैर अनुमति रैली, जुलूस, धरना व प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा ग्वालियर-मुरैना सीमा पर स्थित निरावली सहित ग्वालियर जिले को जोड़ने वाले अन्य मार्गों पर लगाए गए बैरीकेट्स व सीमा नाकों का जायजा लिया। साथ ही विभिन्न छात्रावासों व आश्रय स्थलों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान आश्रय स्थल के संचालकों को स्पष्ट सलाह देकर आगाह किया गया कि जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। इसलिये किसी भी अवांछित व्यक्ति को आश्रय स्थल में रुकने की अनुमति कदापि न दें।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिलेवासियों से अपील की है कि सभी लोग मिलजुलकर शांति, सदभाव एवं आपसी भाईचारे के साथ सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में दीपावली त्यौहार मनाएं। साथ ही यदि कोई ग्वालियर शहर सहित जिले में कहीं भी शांति भंग करने की कोशिश करे तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन व पुलिस को दें। शांति भंग करने की जुर्रत करने वाले लोगों से प्रशासन व पुलिस सख्ती से निपटेगा।

(Udaipur Kiran) तोमर

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *