Skip to content
Friday, 30 October 2026
BREAKING
WEST BENGAL

दुर्गापूजा के बीच कोलकाता त्रासदी पर सुकांत मजूमदार का हमला, ममता सरकार पर झूठ फैलाने का आरोप

सुकांत मजूमदार

कोलकाता, 24 सितंबर (Udaipur Kiran News) । दुर्गापूजा के बीच कोलकाता और पश्चिम बंगाल में हुई बारिश और करंट लगने की घटनाओं में 10 लोगों की मौत पर राजनीति तेज हो गई है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सच्चाई छिपाने और झूठ फैलाने का काम किया है।

—–

मजूमदार का आरोप – झूठ और लापरवाही से बढ़ा संकट

सुकांत मजूमदार ने बुधवार को माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर लिखा कि दुर्गापूजा के पावन अवसर पर जब बंगाल मौत और तबाही से जूझ रहा था, तब ममता बनर्जी और उनकी टीम झूठ परोसने और जनता का दर्द दबाने में लगी रही। उन्होंने कहा कि यह बंगाल की आत्मा पर गहरा आघात है।

भाजपा नेता ने अपने ट्वीट में राज्य सरकार पर तीन बड़े झूठ बोलने का आरोप लगाया।

पहला झूठ – बारिश अचानक हुई। ‌ मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि बारिश अचानक हुई थी। इसे झूठा करार देते हुए मजूमदार ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

दूसरा झूठ –मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह सीईएससी की जिम्मेदारी है। इस पर पलटवार करते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा कि बिजली कंपनी सीईएससी ने साफ किया कि स्ट्रीट लाइट पोल और ट्रैफिक लाइट की जिम्मेदारी उनकी नहीं है।

तीसरा झूठ–मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरेआम दावा किया कि 24 घंटे में 1423.2 मिमी बारिश हुई।

मजूमदार ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में 24 घंटे में 247 मिमी बारिश हुई थी, न कि 1423 मिमी।

——

‘जनता की मदद करने की बजाय सरकार प्रचार में डूबी रही’

सुकांत मजूमदार ने कहा कि जब लोगों को मदद की जरूरत थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी झूठ फैलाने में लगी थीं और मंत्री फिरहाद हकीम सोफे पर बैठे थे। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि ममता का भतीजा शायद जिम में था।

भाजपा नेता ने कहा कि बंगाल किसी की दया पर नहीं जीता। हर बार की तरह बंगाल इस आपदा से भी उठ खड़ा होगा। लेकिन इस बार लोग यह नहीं भूलेंगे कि जब वे अपनी जान बचाने की लड़ाई लड़ रहे थे, तब सरकार ने उन्हें सच की बजाय झूठ दिया और उनकी पीड़ा का मजाक उड़ाया। मजूमदार ने अंत में लिखा कि इस बार बंगाल उठेगा और इस बार बंगाल याद रखेगा।

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *