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Thursday, 29 October 2026
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कोडीन कफ सिरप की काली कमाई का टेरर फंडिंग में इस्तेमाल होने का शक

ईडी और कोडीन सिरप

वाराणसी, 18 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । कोडीन कफ सिरप मामले में उत्तर प्रदेश के वाराणसी सहित देश के विभिन्न राज्यों में बीते दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने एक साथ छापेमारी की थी। इस छापेमारी के बाद ईडी के उच्च अधिकारी और उनकी टीम को चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं, जिससे कोडीन कफ सिरप की काली कमाई का टेरर फंडिंग में इस्तेमाल होने का शक है।

ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि कोडीन कफ सिरप की प्रारंभिक जांच में दुबई के हवाला सिंडिकेट से पूरा मामला जुड़ता दिख रहा है। कई हवाला ऑपरेटर अभी ईडी के रडार पर हैं। बांग्लादेश के कुछ इस्लामिक संगठनों की खाड़ी देशों में सिरप बेचने में संलिप्तता से आतंकी संगठनों को भी इसका फायदा मिलने की आशंका है। ईडी इससे जुड़े नेटवर्क की जड़ें तलाश रही है।

ईडी ने मेरठ के आसिफ और वसीम की सिंडिकेट में संलिप्तता की जांच की है। जानकारी मिली है कि आसिफ कई वर्षों से बांग्लादेश के रास्ते खाड़ी देशों में तस्करी करा रहा है। इससे होने वाली कमाई से उसने दुबई में कई संपत्तियां भी खरीदी हैं।शुभम जायसवाल समेत कई आरोपियों के दुबई भागने के पीछे भी आसिफ की भूमिका बताई जा रही है।

-140 फर्मों में से शुभम की दो फर्म

शुभम रांची की शैली ट्रेडर्स और वाराणसी की न्यू वृद्धि फार्मा के प्रोपराइटर शुभम जायसवाल ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में लगभग सात करोड़ रुपये आयकर जमा किया है। जीएसटी अलग से जमा कराया गया है। ईडी ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है।वाराणसी के चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल ने 140 फर्मों का ऑडिट किया है, इनमें से सिर्फ दो फर्म शुभम जायसवाल की हैं।

-शुभम के दुबई के होटल की दो वीडियो आई सामने

कोडीन कफ सिरप मामले में फरार शुभम जायसवाल की अभी तक दो वीडियो सामने आई है और दोनों वीडियो दुबई के होटल की बताई जा रही है। इसमें पहले वीडियो में शुभम खुद को बेकसूर बता रहा है। दूसरी वीडियो उस समय की बताई गई है, जब ईडी ने एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की थी और शुभम होटल में टहल कर फोन से बातचीत कर रहा है।

(Udaipur Kiran) / श.चन्द्र

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