ठाणे तंबाकू विरोधी मुहिम युवा पीढ़ी बचाने का संघर्ष-डॉ कैलाश पवार

Anti tobacco struggle save yong generation
Anti tobacco struggle to save yong generation

मुंबई,10 दिसंबर ( हि.स.) . ठाणे जिला हेल्थ डिपार्टमेंट ने युवाओं को तंबाकू की लत से दूर रखने के लिए एक असरदार कैंपेन शुरू किया है, और ठाणे में इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम, नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम और डिस्ट्रिक्ट जनरल हॉस्पिटल (सिविल) के साथ मिलकर, गांधी नगर के नवजीवन प्राइमरी विद्या मंदिर, चेकनाका के माजगांव नाइट स्कूल में एंटी-टोबैको अवेयरनेस कैंपेन बड़े जोश के साथ चलाया गया.

इस कैंपेन में, स्टूडेंट्स को तंबाकू के सेहत पर पड़ने वाले बुरे असर, लत के बुरे चक्र और कम उम्र में स्मोकिंग छोड़ने के तरीकों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई. शुरुआत में ही एंटी-टोबैको डॉक्यूमेंट्री का डेमोंस्ट्रेशन दिखाकर स्टूडेंट्स में अवेयरनेस पैदा की गई.

प्रोग्राम के दौरान, सिविल हॉस्पिटल की डेंटल सर्जन डॉ. अर्चना पवार ने स्टूडेंट्स और पेरेंट्स से सीधे बातचीत की और तंबाकू से होने वाले दांतों के नुकसान, मुंह के कैंसर और सांस की बीमारियों की असल तस्वीर पेश की. असली मरीज़ों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “एक छोटी सी गलत आदत पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर सकती है. अगर आप कम उम्र में सही फ़ैसला लेते हैं, तो आप नशे की चेन तोड़ सकते हैं.”

इस पहल में, मुलुंड चेकनाका के नवजीवन विद्यालय, मझगांव रात्रा स्कूल और मासूम सामाजिक संस्था के कार्यकर्ताओं ने ऑर्गनाइज़ेशन से लेकर स्टूडेंट्स की मौजूदगी तक सारी प्लानिंग की. पेरेंट्स और टीचर्स ने भी तंबाकू-फ़्री स्कूल, तंबाकू-फ़्री कैंपस पहल को आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया.

प्रोग्राम के आखिर में, स्टूडेंट्स ने शपथ ली कि “हम तंबाकू-फ़्री रहेंगे” और नशा-फ़्री समाज बनाने का संकल्प लिया.

ठाणे जिला सिविल अस्पताल के सर्जन का कहना है कि एंटी-टोबैको अवेयरनेस सिर्फ़ एक कैंपेन नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ी की जान बचाने की लड़ाई है.

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(Udaipur Kiran) / रवीन्द्र शर्मा

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