
मेदिनीपुर, 1 दिसंबर (Udaipur Kiran) . पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल के खड़ार नगरपालिका क्षेत्र में डलपातिपुर संलग्न मुख्य सड़क के पास लंबे समय से कूड़े-कचरे का अम्बार लगा है. आवासन के लिए 2022 के बाद लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से स्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाने की योजना शुरू हुई थी, लेकिन ढाई वर्ष बीतने के बावजूद काम अभी तक पूरा नहीं हुआ. दुर्गंध से परेशान स्थानीय लोगों में नगरपालिक़ा की भूमिका को लेकर नाराज़गी लगातार बढ़ रही है. हजारों लोगों की रोज़ाना आवाजाही वाली इस सड़क पर कूड़े की सड़ी बदबू के बीच चलना लोगों की मजबूरी बन गया है. कूड़े के ढेर से कुत्ते-शियाल सड़क पर आ जाते हैं, जिससे राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (सूडा़) द्वारा आवंटित धनराशि के बाद 2023 के जुलाई महीने में आठ नंबर वार्ड के एक खाल-खास, बाढ़-प्रवण इलाके में डंपिंग ग्राउंड का निर्माण कार्य शुरू हुआ था. बाढ़ सीमा रेखा से ऊपर उठाकर घेराबंदी की दीवार और कनेक्टिंग रोड तो बन गई, लेकिन कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे रह गए हैं. शीतकाल में अनुकूल मौसम होने के बावजूद ठेकेदार की उदासीनता से कार्य लगातार लटका हुआ है. काम कब पूरा होगा, इस पर नगरपालिका के पास कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं है. हालांकि, नगरपालिका का कहना है कि—“काम सीधे सूडा़ द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है, और बहुत जल्द अधूरा कार्य पूरा कर लिया जाएगा.”
इधर, विपक्ष ने इस काम को लेकर तृणमूल संचालित पुरबोर्ड पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. घाटाल के भाजपा विधायक शीतल कपाट ने कहा—“जो काम हुआ है, वह देखकर ही समझा जा सकता है कि कितना खर्च होना चाहिए था. असल समस्या है पैसे के बंटवारे का खेल. काम में जानबूझकर देरी की जा रही है ताकि आधा काम हो और बाकी पैसा नेताओं-इंजीनियरों की जेब में जाए.”
स्थानीय लोगों की मांग है कि बदबू और गंदगी से राहत दिलाने के लिए डंपिंग ग्राउंड का काम तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि सड़क किनारे फैली अस्वच्छता से उन्हें मुक्ति मिल सके.
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(Udaipur Kiran) / अभिमन्यु गुप्ता
