ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कर चयनित दो कनिष्ठ लिपिक गिरफ्तार

जयपुर, 11 सितंबर (Udaipur Kiran News)। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कनिष्ठ न्यायिक, सहायक लिपिक ग्रेड-द्वितीय एवं लिपिक ग्रेड-द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022 में ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल कर चयनित दो कनिष्ठ लिपिकों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल एसओजी टीम आरोपितों से पूछताछ कर रही है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी-एसओजी) वी.के. सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में राम प्रकाश जाट निवासी कुचेरा, जिला नागौर और सुनील विश्नोई निवासी रावतसर, जिला हनुमानगढ़ शामिल हैं। दोनों ने परीक्षा के दौरान संगठित नकल गिरोह की मदद से ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा आयोजित यह परीक्षा 12 और 19 मार्च 2023 को दोपहर 12 से 2 बजे तक हुई थी। आरोपित राम प्रकाश जाट का परीक्षा केंद्र विजयन डी. सूरी जैन विद्यापीठ सी.सै. स्कूल, नागौर था, जबकि सुनील विश्नोई का परीक्षा केंद्र श्री नेहरू मेमोरियल चिल्ड्रन सी.सै. स्कूल, हनुमानगढ़ था।
परीक्षा के दौरान संगठित नकल गिरोह के मुख्य सरगना पौरव कालेर निवासी छापर, जिला चूरू ने सालासर से मोबाइल फोन के जरिए ब्लूटूथ डिवाइस से दोनों आरोपितों को प्रश्नपत्र के उत्तर उपलब्ध कराए। इस सौदे के लिए दोनों आरोपितों ने पौरव कालेर को 4 लाख रुपये देने पर सहमति जताई थी।
राम प्रकाश जाट इस नकल के जरिए परीक्षा पास कर कनिष्ठ लिपिक (ग्रेड-द्वितीय) के पद पर चयनित हो गया और वर्तमान में पोक्सो कोर्ट, उदयपुर में पदस्थापित था। वह पिछले सात माह से फरार चल रहा था। वहीं, सुनील विश्नोई जिला एवं सत्र न्यायालय, हनुमानगढ़ में पदस्थापित था और गिरफ्तारी के डर से छह माह से स्वेच्छा से अनुपस्थित रहकर फरार था।



