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Sunday, 1 November 2026
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उज्जैनः लालच में कियोस्क सेंटर संचालक पहुंचा सलाखों के पीछे

करोड़ों के लालच में कियोस्क सेंटर संचालक पहुंचा सलाखों के पीछे

उज्जैन, 4 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्रिप्टो करंसी में निवेश कर करोड़ों कमाने का लालच एक कियोस्क सेंटर संचालक को जेल की सलाखों के पीछे ले गया। संचालक ने लाखों रुपये का निवेश क्रिप्टो करंसी में किया जिसमें उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। जिसकी भरपाई के लिए संचालक ने कियोस्क सेंटर के ग्राहकों के 32 लाख रुपये भी लगा दिए। पुलिस उसे पिछले 15 दिनों से खोज रही थी। दबाव में आकर उसने थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। संचालक से पुलिस ने ढाई लाख रुपये भी जब्त किए हैं।

जीवाजीगंज थाना पुलिस ने बताया कि श्रीकृष्ण कॉलोनी शगुन ऑनलाइन कियोस्क सेंटर संचालक आनंद बागडिय़ा ने गुरूवार को थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ में पुलिस के सामने जो तथ्य आए है उससे अधिकारी भी हैरान है। हालांकि उसके द्वारा दी गई जानकारी का अभी सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि आनंद बागडिय़ा ऑनलाइन निवेश के एक टेलिग्राम गु्रप से जुडा था। जिसमें उसे क्रिप्टो करंसी में निवेश कर करोड़ों कमाने का झांसा दिया गया था। लालच में आकर उसने ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से लाखों रुपए का निवेश कर दिया। लेकिन उसमें धोखा हुआ और उसका पुरा पैसा डूब गया।

62 खाताधारकों को लगाया चूना

क्रिप्टो करंसी के निवेश में हुए नुकसान की भरपाई के लिए आनंद ने

कियास्क सेंटर के माध्यम से 3 बैंक के 62 खाताधारकों से 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर दी। खाताधारकों ने 17 नवंबर को एसपी प्रदीप शर्मा को शिकायत की थी। जिसके बाद से आनंद परिवार के साथ फरार हो गया था। उक्त मामले में उसके खिलाफ पुलिस 318(4) 316(2) 316 (5) बोएनएस ने प्रकरण दर्ज किया है।

ऐसे करता रहा धोखाधड़ी

आनंद के कियोस्क सेंटर में तीन बैंकों के खाताधारों से लेनदेन किया जाता था। तीनों बैंक के 62 खाताधारकों के अकाउंट ने रुपए निकालकर मां सारिता, पत्नी गायत्री और खुद के दो अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। ग्राहक जब रुपए निकलवाने आते थे तो वह उनके अंगुठे के निशान और ओटीपी लेकर उन्हे लिंक फेल होने और अन्य बहाना बनाकर लौटा देता था। आनंद ने 1 जनवरी से 14 नवंबर तक कुल 32 लाख 41 हजार 670 रुपए की धोखाधड़ी की।

इन धाताधारकों ने की थी शिकायत

आनंद ने कियोस्क सेंटर के खाताधारक अंकुश शर्मा निवासी शिवशक्ति नगर से ढाई लाख रुपए लेकर उनकी एफडी नहीं की। लगातार टालमटोल करने के बाद जब अंकुश ने बैंक में पता किया तो धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई। इसी तरह उसने उमा पति अरुण निवासी विष्णु कॉलोनी के 1 लाख रुपए बैंक खाते में लिंग फैल होने का झांसा देकर जमा नहीं किए थे। इंदिरानगर एसबीआई की ब्रांच को जब इसकी जानकारी लगी तो उन्होने अपना कियोस्क आनंद के यहां से हटा दिया था।

कई लोगों से लिया उधार

प्रारंभिक पूछताछ में आनंद ने पुलिस को बताया कि कियोस्क सेंटर के खाताधारकों के साथ-साथ ही उसने क्षेत्र के कई रसूखदार लोगो से ब्याज पर रुपया उधार लिया था। खाताधारकों और उधार देने वालों द्वारा लगातार तकादा किया जा रहा था। जिससे तनाव में आकर वह शहर छोडक़र भाग निकला था। पुलिस ने उसके कब्जे से ढाई लाख रुपए जब्त किए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी बताई कहानी की सत्यता की जांच की जा रही है।

दिल्ली की सडक़ों पर गुजारी रातें

पूछताछ में आनंद ने पुलिस को बताया कि परिवार को उसने अन्य स्थान पर छोड़ दिया था। उसके बाद वह दिल्ली भाग गया था। दिल्ली में वह पिछले 10 दिनों से सडक़, रेलवे प्लेटफार्म और मंदिर के बाहर रात गुजारता था। परेशान होकर उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आज पुलिस उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड लेगी।

इनका कहना है….

क्रिप्टो करंस में निवेश कर करोड़ों रुपए के मुनाफे के लालच में आकर आनंद ने लाखों रुपए निवेश किए थे। जिसमें उसे नुकसान हो गया। जिसकी भरपाई के लिए उसने खाताधारों के लाखों रुपयों में अमानत में खयातन कर दी। उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।

विवेक कनोडिय़ा, जीवाजीगंज थाना प्रभारी

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(Udaipur Kiran) / ललित ज्‍वेल

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