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Thursday, 29 October 2026
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उज्जैनः ट्रेन मिले 8 लाख के आभूषण आरपीएफ ने महिला यात्री को लौटाए

मामला चैन्नई-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन का

उज्जैन, 14 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश के उज्जैन में आरपीएफ की सतर्कता से एक महिला यात्री के 8 लाख रू.कीमत के आभूषणों से भरा बेग सुरक्षित पुन: महिला यात्री तक पहुंच गया। महिला यात्री अर्चना जार्ज महाराष्ट्र के पाली रायगढ़ की निवासी है।

आरपीएफ थाना प्रभारी नरेन्द्र यादव ने बताया कि शनिवार रात्रि चैन्नई-जयपुर एक्सप्रेस जब उज्जैन रेलवे स्टेशन पहुंची तो प्रतिदिन की भांति आरपीएफ एसआई शिवकुमार बघेल और कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने यात्री ट्रेन की सभी बोगियों का निरीक्षण किया। उन्हे ए-1 और ए-2 कोच में दो ट्रॉली बैग लावारिस हालत में पड़े मिले। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी कोई यात्री उन्हे लेने नहीं आया तो श्री बघेल दोनों बैग को थाने ले आए। जहां पर दोनों बैग को सुरक्षित रूप से चेक किया गया। बैग खोलने पर उसमें दो सोने की चेन, सात जोड़ी कान के टॉप्स, एक गोल्ड नीलम जड़ी अंगूठी, एक चांदी की अंगूठी, दो मोतियों की माला, महंगी साडिय़ां, कपड़े और अन्य उपहार सामग्री रखी हुई थी। आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 8.25 लाख रु. आंकी गई।

सीट नंबर से हुआ यात्री से संपर्क

आरपीएफ एसआई ने तत्काल सीट नंबर के आधार पर जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। ट्रेन के पिछले स्टेशनों का रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि संबंधित सीट पर अर्चना जॉर्ज नामक महिला यात्री ने यात्रा की थी। इसके बाद महिला यात्री से संपर्क के प्रयास किए गए और उन्हें उज्जैन आरपीएफ थाने बुलाया गया। थाने में महिला द्वारा दोनों ट्रॉली बैग और उसमें रखे सामान की पहचान और तस्दीक की गई। पुष्टि के बाद आरपीएफ ने दोनों बैग पूरे सामान के साथ महिला यात्री को सौंप दिए।

जल्द बाजी में छोड़े बैग

थाना प्रभारी नरेन्द यादव ने बताया कि महिला अपने परिवार के साथ नागपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रही थी। इंदौर उतरने के बाद जल्दबाजी में दोनों ट्रॉली बैग ट्रेन में ही छूट गए थे। महिला का स्थायी पता पाली रायगढ़, महाराष्ट्र है।

पुरस्कृत करने की अनुशंसा

श्री यादव ने बताया कि आरपीएफ एसआई बघेल और कांस्टेबल प्रदीप कुमार की इस ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा पर दोनों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई है।

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(Udaipur Kiran) / ललित ज्‍वेल

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