

जर्जर घोषित हो चुके आवास में रहने को मजबूर पुलिस परिवार, 240 को आवास
अनूपपुर, 9 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh के अनूपपुर जिला मुख्यालय में पुलिस कर्मियों के लिए आवास की उपलब्धता ना होने से कर्मचारियों को या तो किराए पर मकान लेकर रहना पड़ रहा है या फिर अन्य थाना क्षेत्र से अप डाउन करना पड़ रहा है. आवास आवंटित किए जाने के लिए पत्राचार भी किया गया, लेकिन आवास उपलब्ध न होने से आवंटन नहीं मिल पाया है.
बताया जाता है कि उपलब्ध पुलिस बल की तुलना में जिला मुख्यालय में काफी कम संख्या में आवास अभी उपलब्ध हैं. ऐसे में सभी पुलिसकर्मियों को आवास नहीं मिल पा रहा है. जिला मुख्यालय के पुलिस लाइन में सिर्फ 240 आवास पुलिस कर्मियों के लिए हैं जिन्हें आवंटित किया जा चुका है. 129 पुलिस कर्मचारी आवास के लिए Superintendent of Police कार्यालय में आवेदन किए हैं लेकिन उन्हें आवंटन नहीं किया जा सका है. आवास न मिलने पर किराए से घर लेकर उनको रहना पड़ रहा है. वहीं जो पुलिसकर्मी अन्य थाना क्षेत्र से स्थानांतरित होकर आए हैं, वे साधनों से प्रतिदिन अप डाउन करते हुए अपनी ड्यूटी कर रहे हैं.
भूमि उपलब्ध पर बजट की उपलब्धता नहीं
पुलिसकर्मियों के नए आवास निर्माण के लिए पुलिस लाइन अनूपपुर यहां पर अब तक आवास निर्माण का बरबसपुर में शासकीय भूमि है लेकिन कार्य शुरू नहीं किया गया है. विभाग का कहना है कि पुलिसकर्मियों के लिए नए आवास निर्माण के लिए अभी तक बजट प्राप्त नहीं हुआ है. विभाग ने वरिष्ठ कार्यालय को इसके लिए पत्राचार भी किया है, बावजूद इसके अब तक इस पर कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं.
जर्जर घोषित हो चुके आवास में रहने को मजबूर पुलिस परिवार
आवास की कमी के कारण जर्जर घोषित हो चुके पुलिस कॉलोनी के 32 मकान में भी लोग जान जोखिम में डाल कर रहने को मजबूर हैं. पुलिस कॉलोनी के ये भवन कई वर्ष पूर्व बनाए गए थे जो अब पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं और डिस्मेंटल के लिए इन्हें चिन्हित कर लिया गया है. वर्तमान में 13 पुलिसकर्मी इस कॉलोनी में रह रहे हैं. आवास की छत और दीवार पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं जो कभी भी धराशाई हो सकती है. इसे डिस्मेंटल करते हुए यहां पर पुलिस विभाग का पेट्रोल पंप बनाए जाने की योजना है.
Superintendent of Police अनूपपुर मोतिउर रहमान ने बताया कि अगले सप्त सप्ताह 30 अन्य पुलिस कर्मचारियों को आवास आवंटन किया जाएगा. नए आवास निर्मित कराए जाने के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है. वहां से मंजूरी मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.
(Udaipur Kiran) / राजेश शुक्ला
