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Friday, 30 October 2026
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(अपडेट) ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान की सशक्त शुरुआत, 24 घंटे में 61 हजार से ज्यादा पीयूसीसी जारी

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा जनपथ स्थित पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मचारियों से नियमों को लेकर चर्चा करते

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (Udaipur Kiran) । दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए तेज और निर्णायक कदम उठाए हैं। दिल्ली सरकार चार मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई कर रही है वाहनों से होने वाला प्रदूषण, सड़कों और निर्माण से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक प्रदूषण और कचरा प्रबंधन। प्रदूषण को तेजी से कम करने के लिए ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान और बीएस-6 से कम मानक वाले गैर-दिल्ली वाहनों की एंट्री पर सख्ती की जा रही है।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण के विरुद्ध पर्यावरण विभाग द्वारा उठाए जा रहे सभी कदमों के बारे में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को अवगत कराया।

मंत्री ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली सरकार को प्रदूषण कम करने के लिए कुछ कड़े लेकिन जरूरी फैसले लेने पड़े हैं। हम सभी से अपील करते हैं कि ग्रैप के नियमों, वर्क-फ्रॉम-होम एडवाइजरी और ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था का पूरी तरह पालन करें।

गुरुवार को सिरसा ने दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर और जनपथ समेत कई पेट्रोल पंपों पर अचानक पहुंचकर ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ के पालन की स्थिति देखी। उन्होंने पंप स्टाफ से बातचीत कर उन्हें निर्देश दिए कि वे शांत और विनम्र रहते हुए नियमों को सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि आप इस अभियान का सबसे पहला संपर्क बिंदु हैं। लोगों से सहयोग करें, उन्हें समझाएं कि यह नियम उनकी और उनके बच्चों की सेहत के लिए है।

मंत्री ने स्पष्ट साइनबोर्ड, घोषणाओं और बेहतर कतार व्यवस्था के भी निर्देश दिए। मौके पर उन्होंने वाहन चालकों से कहा कि यह वाहन चालान का मामला नहीं है, यह साफ हवा का सवाल है। आज जारी हर वैध पीयूसीसी प्रदूषण के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक छोटी जीत है।”

17 दिसंबर को दिल्ली में 29,938 पीयूसीसी जारी किए गए। वहीं 18 दिसंबर को शाम 5:20 बजे तक 31,974 नए प्रमाणपत्र जारी हुए। इस तरह करीब एक दिन में कुल संख्या 61 हजार के पार पहुंच गई। सरकार का मानना है कि पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले पीयूसीसी बनवाने वालों की संख्या और बढ़ेगी।

मंत्री ने कहा कि एक दिन में 60 हजार से ज्यादा लोगों का पीयूसीसी बनवाना दिखाता है कि जब नागरिकों को भरोसा होता है कि कदम जनहित में हैं, तो वे पूरा सहयोग देते हैं। पिछले 24 घंटों में बिना वैध पीयूसीसी के 3746 वाहनों के चालान किए गए। पहले दिन दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने बॉर्डर प्वाइंट्स पर लगभग 5000 वाहनों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वाले 568 वाहनों को वापस भेजा।

सिरसा ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रदूषण से निपटने की लड़ाई क्षेत्रीय समन्वय से ही जीती जा सकती है।

पिछले 24 घंटे में चार मोर्चों पर कार्रवाई हुई। 2,300 किमी सड़कों की मशीन से सफाई हुई। 5,524 किमी क्षेत्र में मोबाइल एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया गया। 132 अवैध कचरा डंपिंग साइट बंद किया गया। 217 गैर-गंतव्य ट्रक डायवर्ट किया गया। लैंडफिल साइट्स पर करीब 38,019 मीट्रिक टन पुराने कचरे का निपटान किया गया।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि दिल्ली सरकार एक साथ प्रदूषण के लिए हर स्रोत पर प्रहार कर रही है।

दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए नई तकनीकों पर भी काम कर रही है। सिरसा ने आज भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाने के लिए एल्गी-आधारित एयर पॉल्यूशन सिस्टम की समीक्षा की और बीआईएसएजी द्वारा प्रस्तुत जीआईएस आधारित समाधान पर बैठक की, जिससे प्रदूषण नियंत्रण और सड़क योजना को बेहतर बनाया जा सके।

इसके अलावा सरकार कार-पूल ऐप विकसित करने और ग्रीन दिल्ली ऐप को एआई आधारित फीचर्स के साथ अपग्रेड करने पर काम कर रही है, ताकि नागरिकों की शिकायतों का तेज समाधान हो और जनभागीदारी बढ़े।

मंत्री ने कहा कि ग्रैप-4 के तहत जारी निर्देशों के बावजूद कुछ निजी कार्यालय अभी भी कम से कम 50 प्रतिशत स्टाफ को वर्क-फ्रॉम-होम की अनुमति नहीं दे रहे हैं। उन्होंने ऐसे संस्थानों को पालन करने के निर्देश दिए और कहा कि नियम न मानने पर कार्रवाई की जा सकती है।

सिरसा ने कहा कि यह सरकार और जनता का एक जन-आंदोलन है। जब सरकार और नागरिक साथ चलेंगे, तभी दिल्ली को साफ हवा मिल पाएगी।

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(Udaipur Kiran) / धीरेन्द्र यादव

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