

उत्तरकाशी, 8 दिसंबर (Udaipur Kiran) . आपदा प्रभावित धराली के ग्रामीणों ने भैरोघाटी में रक्षासूत्र बांधने गए पर्यावरणविदों का विरोध कर Monday को उनका पुतला दहन किया. ग्रामीणों का कहना है कि कुछ चंद लोग पर्यावरण का आधार बनाकर विकास को बाधित कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों के कारण ही क्षेत्र का विकास रुका है.
ग्राम प्रधान अजय नेगी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और कहा कि कुछ पर्यावरणविदों भैरोघाटी में रक्षासूत्र बांधने के दौरान धराली के समेत अन्य गांवों के लोग विरोध किया है. ज्ञापन में कहा गया है ऑल वेदर सड़क चौड़ीकरण का विरोध दिल्ली में बैठे कुछ चंद लोग अपने निजी फायदे के लिए पर्यायवरण को आधार बनाकर इसमें बाधा उत्पन कर रहे हैं.
पहले इनके ओर से भैरोंघाटी से लेकर झाला तक 7000 देवदार के पेड़ों की कटान की भ्रमक सूचना फैलाई गई हैं. जबकि बीआरओ व वन विभाग की संयुक्त सर्वे में मात्र 3500 पेडों का आकलन किया गया है. ऑल वेदर सड़क चौडीकरण का बनना सामरिक व सुरक्षा की दृष्टि से राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है. जहां चीन अपनी सीमा तक रेलवे लाईन की तैयारी कर रहा हैं. वहीं हम अपनी सीमा तक सड़क नहीं बना पाए हैं.
उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी से गंगोत्री तक के करीब 100 किमी. क्षेत्र में ईको सेंसटिव जोन के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर रोक लग गई. वहीं अब सड़क के चौड़ीकरण पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं. इस दौरान सुशील पंवार क्षेत्र पंचायत सदस्य धराली, जय भगवान सिंह, खुशाल सिंह नेगी,अजय नेगी,विजय रौतेला पूर्व प्रधान झाला,सतेंद्र पंवार समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे है.
(Udaipur Kiran) / चिरंजीव सेमवाल
