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Thursday, 29 October 2026
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फर्जी इनकम टैक्स रेड के जरिए 1 किलो सोने की चोरी करने वाला वांछित आरोपित गिरफ्तार, 130 ग्राम सोना बरामद

एक किलो सोने की चोरी के मामले में गिरफ्तार आराेपित की फाेटाे

नई दिल्ली, 17 दिसंबर (Udaipur Kiran) । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (मध्य रेंज) ने फर्जी इनकम टैक्स रेड स्क्वॉड बनाकर एक किलो से अधिक सोने की चोरी के मामले में वांछित चल रहे आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से चोरी किया गया 130.162 ग्राम सोना और वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बुधवार काे बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान . अंबेडकर नगर निवसी शेख अकरम (49) के रूप में हुई है। आरोपित थाना प्रसाद नगर के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 27 नवंबर को करोल बाग इलाके में स्थित एक ज्वैलरी मेकिंग वर्कशॉप के मालिक ने थाना प्रसाद नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्हाेंने बताया कि 5–6 अज्ञात व्यक्ति वर्कशॉप में घुसे। जिनमें से एक ने फर्जी दिल्ली पुलिस की वर्दी पहन रखी थी, जबकि चार अन्य लोग इनकम टैक्स अधिकारी बनकर आए थे।

आरोपिताें ने शिकायतकर्ता और कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए, फर्जी तलाशी ली और करीब 1 किलो 1 ग्राम सोना चोरी कर लिया। जाते समय आरोपी वर्कशॉप में लगा सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। मामले में पहले ही मध्य जिला पुलिस द्वारा पांच आरोपिताें को गिरफ्तार किया जा चुका था। जबकि शेख अक़रम फरार चल रहा था।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि आरोपित शेख अकरम अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद लगातार दक्षिण दिल्ली में ठिकाने बदल रहा है। इस पर इंस्पेक्टर सुनील कुमार कलखंडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। 14 दिसंबर को टीम ने मल्होत्रा बी एंड बी, सी.आर. पार्क में छापा मारकर आरोपित को दबाेचा। लगातार पूछताछ के दौरान आरोपित ने अपना जुर्म कबूल किया। तलाशी में उसके पास से 130.162 ग्राम चोरी का सोना और वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई।

पुलिस के अनुसार, शेख अकरम करीब 16–17 साल पहले दिल्ली आया था और करोल बाग क्षेत्र में अलग-अलग ज्वैलरी मेकिंग की दुकानों पर काम करता रहा। फिलहाल वह एक ज्वैलरी शॉप में काम कर रहा था और अपने परिवार के साथ मदनगीर में रह रहा था। करीब 2–3 साल पहले उसका संपर्क मुख्य आरोपित और मास्टरमाइंड परमिंदर, जो एक सरकारी कर्मचारी है, से हुआ था। इसके बाद उसने करोल बाग की ज्वैलरी दुकानों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं, जिसके आधार पर इस वारदात की साजिश रची गई। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और चोरी किए गए बाकी सोने की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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(Udaipur Kiran) / कुमार अश्वनी

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