
इंदौर, 29 नवंबर (Udaipur Kiran) . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि आक्रांता राष्ट्र आज समाप्त हो गए हैं. भारत नित्य नूतन चिर पुरातन सनातन है. हम भी राम बन सकते हैं, यह इस भूमि की विशेषता है. नर से नारायण बन सकते हैं. भारत अपने लिए नहीं बल्कि विश्व के कल्याण के लिए ही जिया है. भारत को भारत बनाए रखने का नाम है हिन्दुत्व. उन्होंने कहा कि तू मैं एक रक्त हम सभी एक Indian हैं, हम सभी भारत माता की संतान हैं. यही विचार सर्वोपरि है.
सरकार्यवाह होसबले Saturday शाम को Madhya Pradesh के इंदौर में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. दरअसल, संघ शताब्दी वर्ष में हिंदू समाज के प्रत्येक वर्ग से संपर्क एवं संवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी क्रम में जनजाति विकास मंच द्वारा आयोजित मालवा प्रांत के जनजाति सामाजिक नेतृत्व एवं प्रमुखों के साथ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले की उपस्थिति में संवाद हुआ. कार्यक्रम में मालवा प्रांत में जनजाति समाज नेतृत्व द्वारा जनजाति समाज के लिए स्वावलंबन, शिक्षा, नशामुक्ति, कुरीतियों के निवारण और विशेषकर धर्मांतरण को रोकने के लिए किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी गई. दहेज, दारू, धर्मांतरण, डीजे पर रोक को लेकर समाज में व्यापक वातावरण निर्मिति और सतत प्रयास के बारे में बताया गया.
सरकार्यवाह होसबले ने समाज परिवर्तन हेतु किए जा रहे सभी प्रयासों की सराहना की तथा सभी के बीच में भारत भूमि, भारत माता और जो हिंदू समानताएं हैं, उनके बारे में बताया. उन्होंने विभिन्न संगठनों, एकल अभियान, कल्याण आश्रम, सेवा भारती, जनजाति विकास मंच, जनजाति सुरक्षा मंच एवं स्वयंसेवकों द्वारा देशभर मे जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा, स्वावलंबन, कृषि, धर्म जागरण की दृष्टि से चलाए जा रहे प्रभावी कार्यों की जानकारी दी.
उन्होंने जनजाति अस्मिता एवं अस्तित्व दोनों की रक्षा करने की आवश्यकता बताई. उन्होंने कहा कि अस्मिता हमारी भाषा, परंपरा, मान्यताएं, प्रकृति पूजन का संरक्षण साथ ही अस्तित्व के लिए विकास, आधुनिकता, समाज के साथ कदमताल करने का संकल्प लेकर चलना होगा. उन्होंने कहा कि एक ओर डीजे को रोकना है, वहीं दूसरी ओर दूसरे डीजे अर्थात धर्म जागरण बढ़ाना होगा.
कार्यक्रम में मालवा प्रांत के संघचालक डॉक्टर प्रकाश शास्त्री एवं भीमानायक वनांचल समिति के अध्यक्ष अजमेर सिंह भाबर मंच पर उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन खेमसिंह जामरा ने किया एवं प्रस्तावना रूपसिंह नागर ने रखी. कार्यक्रम के अंत मे अजमेर सिंह ने आभार प्रकट किया.
28 जिलों के 12 हजार 500 गावों में जाएगा संघइस अवसर पर बताया गया कि मालवा प्रांत के सभी 28 जिलों के 138 खंडों के 12,500 से अधिक गांवों और 101 नगरों के 7,500 से अधिक मोहल्लों में संघ के कार्यकर्ताओं की टोलियां घर-घर जाकर संपर्क करेंगी. इस वृहद गृह संपर्क अभियान में मालवा प्रांत के 35 लाख से अधिक परिवारों में संघ परिचय पत्रक, संघ साहित्य, स्टीकर और भारत माता का चित्र लेकर कार्यकर्ता घरों पर परिवारों से संपर्क करेंगे. ग्रामीण क्षेत्रों और नगरों की सेवा बस्तियों में घरों पर भगवा पताका भी लगाई जाएगी. इंदौर विभाग के अंतर्गत 5 जिलों के 35 नगरों एवं 5 ग्रामीण खंड के 65 मंडलों में वृहद गृह संपर्क की योजना बनाई गई है.
पंच परिवर्तन के पांच संकल्प बताए जाएंगेसामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण केंद्र, जीवनशैली, जीवन के हर क्षेत्र में स्वदेशी का संकल्प और नागरिक कर्तव्यों का पालन ये पंच-परिवर्तन के पांच संकल्प हैं. गृह संपर्क अभियान में संघ के कार्यकर्ता पंच-परिवर्तन के संकल्पों की चर्चा घर-घर जाकर करेंगे और परिवारों द्वारा किसी एक संकल्प का आह्वान करवाया जाएगा. संघ बताएगा की समाज में संस्कारों और परंपराओं की पाठशाला हमारे परिवार हैं. अपनी संस्कृति की रक्षा और संस्कारों के लिए परिवारों को संस्कारक्षम बनाए रखना आज की चुनौती भी है. सभी प्राणियों का जीवन सुखी हो, इस हेतु हमारे वन, वायु, जल, धरती सहित संपूर्ण पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है.——————
(Udaipur Kiran) तोमर
