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Friday, 30 October 2026
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आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज वित्तीय अनियमितता मामले के ‘व्हिसलब्लोअर’ अख्तर अली ने दिया इस्तीफा , सरकारी प्रतिशोध का लगाया आरोप

अख्तर अली

कोलकाता, 14 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । राज्य के विवादित आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में वित्तीय अनियमितताओं के मामले का पर्दाफाश करने वाले पूर्व उप अधीक्षक अख्तर अली ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अली को इस मामले में ‘व्हिसलब्लोअर’ माना जाता है।

अख्तर अली की याचिका पर ही कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी थी। इसी जांच के आधार पर सीबीआई ने आर.जी.कर के तत्कालीन विवादित प्राचार्य संदीप घोष समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

हालांकि समाचार लिखे जाने तक राज्य स्वास्थ्य विभाग ने उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं की थी। अख्तर अली फिलहाल मालदा जिले के कालियागंज स्टेट जनरल अस्पताल में उप अधीक्षक के पद पर तैनात थे।

अली ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आवाज उठाने के बाद से ही उन्हें राज्य सरकार की प्रतिशोधपूर्ण कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ अपनी लड़ाई की सीमा तक पहुंच चुका हूं। इसलिए मैंने सेवाओं से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। हालांकि, मैं राज्य के भ्रष्ट स्वास्थ्य तंत्र के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।”

इस बीच, राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि अख्तर अली शीघ्र ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार के रूप में सामने आ सकते हैं। बीते सप्ताह उनके भाजपा मुख्यालय जाकर प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद शमिक भट्टाचार्य से मुलाकात करने के बाद यह अटकलें और प्रबल हुई हैं। हालांकि, अली ने इस पर अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है।

गौरतलब है कि अख्तर अली ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने से पहले भी आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज में व्याप्त वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने राज्य सतर्कता आयोग में शिकायत दर्ज कर तत्कालीन प्राचार्य संदीप घोष को इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार बताया था। लेकिन जब राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, तब उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

राज्य के चिकित्सकीय समुदाय का एक बड़ा वर्ग यह आरोप भी लगा चुका है कि आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज में हुई वित्तीय अनियमितताएं उस वीभत्स सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की “बड़ी साजिश” का हिस्सा थीं, जो पिछले वर्ष अगस्त में कॉलेज परिसर में एक महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई थी।

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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