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Saturday, 31 October 2026
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एम.पी. ट्रांसको में ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ कांट्रेक्टर्स और वेंडर्स के भुगतान को दें प्राथमिकता , लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

एम.पी. ट्रांसको में ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ कांट्रेक्टर्स और वेंडर्स के भुगतान को दें प्राथमिकता: -लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

जबलपुर, 19 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, तीव्र एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ कंपनी से जुड़े कांट्रेक्टर्स एवं वेंडर्स के लंबित भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने मुख्यालय जबलपुर में आयोजित 20वीं उच्चस्तरीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक के दौरान दिये।

बैठक में प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि ट्रांसमिशन प्रणाली के सुदृढ़ संचालन, समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन एवं गुणवत्ता बनाए रखने में कांट्रेक्टर्स एवं वेंडर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में जिन मामलों में कार्य पूर्ण हो चुका है और सभी तकनीकी व वित्तीय औपचारिकताएं पूरी हैं, उनके भुगतान में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान से न केवल कांट्रेक्टर्स एवं वेंडर्स का मनोबल बढ़ता है, बल्कि कार्यों की गति, गुणवत्ता एवं भविष्य की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो कांट्रेक्टर्स और वेंडर्स समय पर कार्य नहीं कर रहे हैं और जिनकी वजह से राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे डिफाल्टर कांट्रेक्टर्स और वेंडर्स को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्लैकलिस्ट किए गए कांट्रेक्टर्स एवं वेंडर्स प्रदेश की किसी भी विद्युत कंपनी में कार्य करने के पात्र नहीं होंगे।

त्रैमासिक समीक्षा बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से फाइल मूवमेंट, भुगतान प्रक्रिया, परियोजना प्रगति, मॉनिटरिंग और निर्णय प्रक्रिया को और अधिक तेज, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कंपनी में ट्रेनिंग मॉड्यूल के कल्चर से मिली सफलताओं को रेखांकित करते हुये कहा कि इसे सतत् बनाये रखने की आवश्यकता है। उन्होंने नई तकनीकों को ट्रांसमिशन सिस्टम में सटीकता के साथ समावेश करने के निर्देश दिये।

राज्य सरकार द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही राष्ट्रीय हित की विभिन्न परियोजनाओं को लेकर विशेष जोर देते हुए प्रबंध संचालक ने कहा कि ऐसी सभी परियोजनाओं के संपादन की गति बढ़ाई जाए और उन्हें सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए।

मेंटेनेन्स और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि एम.पी. ट्रांसको में जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों, सेफ्टी टूल्स एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाये जाने पर संबंधित कार्मिक के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।

बैठक में ट्रांसमिशन परियोजनाओं की प्रगति, ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों पर लोड आदि की विस्तृत समीक्षा की गई। इस समीक्षा बैठक में मुख्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों सहित फील्ड स्तर के अधीक्षण अभियंता स्तर तक के अधिकारी उपस्थित रहे।

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(Udaipur Kiran) / विलोक पाठक

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