शादी के बाद राजस्थान आने वाली महिलाएं भी हकदार: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मिलेगी EWS सर्टिफिकेट की सुविधा
जोधपुर, 19 अगस्त (Kiran News)। राजस्थान उच्च न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि विवाह के बाद दूसरे राज्य से राजस्थान आने वाली महिलाएं भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण-पत्र पाने की पूरी हकदार हैं। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की एकल पीठ ने हनुमानगढ़ के टिब्बी निवासी पूनम की याचिका पर यह फैसला सुनाया।

क्या है मामला
हरियाणा मूल की पूनम का विवाह हनुमानगढ़ के टिब्बी निवासी पवन कुमार से हुआ। पूनम अब अपने ससुराल रामपुरा पंचायत, वार्ड नंबर चार की निवासी हैं। उन्होंने अपने लिए EWS प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन अधिकारियों ने उनके आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके पास हरियाणा से जारी ओबीसी प्रमाण-पत्र है। पूनम ने इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी।
कोर्ट ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इसे ‘सुनीता रानी बनाम राजस्थान राज्य’ प्रकरण जैसा माना, जिसमें 26 मई को फैसला दिया गया था। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता के EWS प्रमाण-पत्र के आवेदन पर पुनर्विचार करें। अगर पूनम अन्य सभी शर्तें पूरी करती हैं तो चार सप्ताह में कानून के अनुसार प्रमाण-पत्र जारी करें।
केवल OBC सर्टिफिकेट के आधार पर नहीं होगा इंकार
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर EWS प्रमाण-पत्र देने से इनकार करना गलत है कि याचिकाकर्ता के पास हरियाणा राज्य का ओबीसी प्रमाण-पत्र है। कोर्ट ने माना कि पूनम अब राजस्थान में निवासरत हैं और उन्होंने सामान्य वर्ग के उम्मीदवार के तौर पर आवेदन किया है।
फैसले का प्रभाव
इस फैसले से राजस्थान में विवाह के बाद आने वाली महिलाओं के लिए EWS सर्टिफिकेट की राह आसान हो गई है। कोर्ट ने कहा कि पहले आवेदन को खारिज कर देने से अधिकारी फिर से आवेदन पर विचार करने से नहीं रोक सकते।



