बांग्लादेशी बताकर सफाई कर्मचारियों की झुग्गियां उजाड़ रही योगी सरकार : विनय पटेल

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी प्रेस वार्ता करते हुए

लखनऊ, 6 दिसंबर (Udaipur Kiran) . लखनऊ की भाजपा मेयर द्वारा बहादुरपुर बस्ती में 20 वर्षों से रह रहे Assam मूल के सफाईकर्मियों को “बांग्लादेशी” और “रोहिंग्या” बताकर 15 दिन में क्षेत्र खाली करने का आदेश देना न केवल अमानवीय, बल्कि असंवैधानिक है. आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा की नफरत भरी राजनीति और चुनावी साजिश करार देते हुए तीखा विरोध दर्ज किया है. पार्टी नेताओं ने कहा कि यह कार्रवाई एसआईआर प्रक्रिया के खुले दुरुपयोग का उदाहरण है, जिसके माध्यम से प्रदेश में भय और भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है. आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि इस पूरे मामले पर भाजपा सरकार की करतूतों के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके.

आम आदमी पार्टी मुख्यालय में Saturday को आयोजित प्रेस वार्ता में बोलते हुए अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि लखनऊ के बहादुरपुर बस्ती में Indian जनता पार्टी की मेयर द्वारा नगर निगम अधिकारियों के साथ छापेमारी कर Assam मूल के सफाईकर्मियों को बांग्लादेशी बताना घोर निंदनीय और असंवैधानिक कृत्य है. बीस वर्षों से लखनऊ की सड़कों की सफाई करने वाले इन मेहनतकश परिवारों के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और एनआरसी डाटा जैसे सभी प्रमाण मौजूद हैं. बावजूद इसके, इन्हें बिना जांच–पड़ताल के 15 दिनों में बस्ती खाली करने का फरमान सुनाया गया. विनय पटेल ने कहा कि यह भाजपा सरकार की अमानवीय मानसिकता और Assam के Indian नागरिकों के प्रति नफरत का जीता-जागता उदाहरण है.

विनय पटेल ने कहा कि भाजपा हर चुनाव से पहले बांग्लादेशी का डर फैलाकर लोगों को बांटने और चुनावी जमीन तैयार करने का घृणित खेल खेलती है. कभी Maharashtra, कभी Haryana और अब Uttar Pradesh में Assam के नागरिकों को निशाना बनाकर भाजपा इंसानियत को शर्मसार कर रही है. आम आदमी पार्टी ऐसे मजदूर परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और योगी सरकार की इस तानाशाही कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती है. यदि सरकार ने उत्पीड़न बंद नहीं किया तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी.

बौद्ध प्रांत अध्यक्ष इंजी. इमरान लतीफ ने कहा कि लखनऊ नगर निगम आज भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है. नगर निगम की सफाई व्यवस्था पूरी तरह Assam के मजदूर भाइयों पर टिकी हुई है, जिनकी मेहनत से यह शहर चमकता है. पर विडंबना यह है कि इन्हीं मेहनतकश नागरिकों को भाजपा की मेयर बांग्लादेशी बताकर उत्पीड़ित कर रही हैं. यह वही मेयर हैं जो अपने निगम की मूल जिम्मेदारियां निभाने में पूरी तरह विफल रही हैं, लेकिन अपनी पार्टी की नफरत भरी विचारधारा के प्रति पूरी निष्ठा से काम कर रही हैं. यह कार्रवाई भाजपा की विफल नीतियों और विभाजनकारी मानसिकता का प्रतीक है.

इस मौके पर अयोध्या प्रांत प्रभारी सरबजीत सिंह मक्कड़ ने कहा कि भाजपा पिछले 11 वर्षों से सत्ता में है, फिर भी अब चुनाव से ठीक पहले जनता को बांटने और माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रही है. यह साफ संकेत है कि सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं का राजनीतिक उपयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है, जो लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों पर सीधा हमला है. आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन सौंपेगी ताकि भाजपा की इस साजिश का पर्दाफाश हो सके और जनता को न्याय मिल सके.

(Udaipur Kiran) / मोहित वर्मा

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