चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता आवश्यक: डॉ. सुधीर श्रीवास्तव

उदयपुर, 2 मई: प्रसिद्ध कार्डियोथोरेसिक सर्जन और एक प्रमुख सर्जिकल रोबोटिक्स कंपनी के अध्यक्ष, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सा पेशे में सच्ची सफलता इस बात से परिभाषित होती है कि एक डॉक्टर कितनी जानें बचा सकता है। उन्होंने इस क्षेत्र में उत्कृष्टता को सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।
वे अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान के दूसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि भारत में सर्जिकल रोबोट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है और अब तक 200 से अधिक इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं, जिनमें कार्डियक प्रक्रियाएँ भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी नवाचार और समर्पण भारत को स्वास्थ्य देखभाल में आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
आमंत्रित अतिथि डॉ. राहुल जैन ने छात्रों को बताया कि एक चिकित्सा डिग्री उनकी पहचान का प्रतीक है, न कि केवल एक योग्यता। उन्होंने उन्हें सलाह दी कि वे मरीजों को ध्यान से सुनें, उन्हें पर्याप्त समय दें और सर्वोत्तम उपचार प्रदान करें।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. कीर्ति जैन ने कहा कि उत्कृष्टता हमेशा मानव कल्याण की दिशा में होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिग्री प्राप्त करने के बाद केवल पैसे कमाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, और पेशेवरों को ऐसा कार्य चुनना चाहिए जो संतोष और उद्देश्य लाए। उन्होंने डॉ. श्रीवास्तव के 1,400 से अधिक रोबोटिक सर्जरी में योगदान और देश में सर्जिकल रोबोटिक्स को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया।
समारोह के दौरान 150 अंडरग्रेजुएट और 85 पोस्टग्रेजुएट चिकित्सा छात्रों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं। चिकित्सा पेशे की शपथ भी प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति में दिलाई गई, जिसमें उपकुलपति, चिकित्सा विशेषज्ञ और प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे।
इस कार्यक्रम में एक भावनात्मक और उत्सव का माहौल था, जिसमें छात्र ग्रेजुएशन गाउन में और गर्वित परिवार के सदस्य इस अवसर को मनाते हुए दिखाई दिए।



