बिहार में भारत तिवारी के एनकाउंटर ने महापंचायत को जन्म दिया

आरा, 24 जून: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर पुलिस थाना क्षेत्र में भारत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर ने जन आक्रोश को भड़का दिया है। इसके जवाब में बुधवार को एक स्थानीय मंदिर में एक विशाल महापंचायत और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने भारत भूषण तिवारी के समर्थन में नारे लगाए और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सभा में कई वक्ताओं ने राज्य सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। जन सुराज के आर्किटेक्ट प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि भारत तिवारी को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किशोर ने पटना से बिलौटी गांव जाकर तिवारी के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिस अधिकारी ऊपर से आदेश के बिना गोली नहीं चला सकता, जिससे यह सवाल उठता है कि इस मामले में पुलिस कार्रवाई की अनुमति किसने दी और इसकी जांच की मांग की।
किशोर ने यह भी मांग की कि न्यायिक जांच में केवल स्थानीय पुलिस अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि गृह विभाग, डीजीपी और मामले में शामिल सभी जिम्मेदार अधिकारियों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल संबंधित अधिकारी और डीएसपी को निलंबित करना न्याय नहीं है; जनता को स्पष्ट रूप से न्याय होते हुए देखना चाहिए। उन्होंने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया कि न्यायिक जांच की औपचारिक घोषणा की जाए, चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदर्शनकारी पटना की ओर मार्च करेंगे और सरकार को घेरेंगे।
वक्ताओं ने घोषणा की कि भारत भूषण तिवारी और उनके परिवार के लिए न्याय की लड़ाई जारी रहेगी, और यदि आवश्यक हुआ, तो वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निवास को भी घेरेंगे। बिलौटी गांव से लेकर मुख्य सड़क और हाईवे तक भारत तिवारी को ‘शहीद’ घोषित करने वाले पोस्टर लगाए गए हैं और न्याय की मांग की जा रही है। समर्थकों का कहना है कि सरकार को उन मुद्दों का जवाब देना चाहिए जिनके लिए तिवारी ने आवाज उठाई थी।
महापंचायत में उत्तर प्रदेश से ब्राह्मण समुदाय के संगठनों के प्रतिनिधि और भोजपुर तथा आसपास के जिलों के लोग भी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि इस कथित एनकाउंटर को लेकर क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है, और इस मामले के राजनीतिक निहितार्थ आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है।



