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Wednesday, 28 October 2026
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इतिहास के पन्नों में 15 दिसंबर : लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि

सरदार वल्लभ भाई पटेल। फोटो - सोशल मीडिया

इतिहास में 15 दिसंबर की तारीख भारत की एकता और अखंडता के महान शिल्पकार सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि के रूप में दर्ज है। देश के लौह पुरुष कहे जाने वाले सरदार पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प, राजनीतिक सूझबूझ और कूटनीतिक कौशल से आजादी के बाद भारत को एक सूत्र में पिरोने में निर्णायक भूमिका निभाई।

31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले में एक किसान परिवार में जन्मे सरदार पटेल स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। स्वतंत्र भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में उन्होंने सैकड़ों रियासतों का भारत में विलय कर देश के मौजूदा भौगोलिक स्वरूप को आकार दिया। उनके नेतृत्व में रजवाड़ों का शांतिपूर्ण एकीकरण भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में गिना जाता है।

सरदार पटेल की पहचान एक सख्त लेकिन दूरदर्शी प्रशासक के रूप में रही, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि माना। उनकी नीतियों और निर्णयों ने नवस्वतंत्र भारत को स्थिरता प्रदान की और एक मजबूत प्रशासनिक ढांचे की नींव रखी।

देश को दिए गए उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 15 दिसंबर 1950 को उन्होंने अंतिम सांस ली, लेकिन उनके विचार और आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बने हुए हैं।

सरदार पटेल की स्मृति में गुजरात में नर्मदा नदी के समीप ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की स्थापना की गई है, जिसे विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा माना जाता है। यह प्रतिमा न केवल उनके व्यक्तित्व की विराटता का प्रतीक है, बल्कि देश की एकता और अखंडता के प्रति उनके संकल्प की भी सशक्त अभिव्यक्ति है।

पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है और उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया जा रहा है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1794 – फ्रांस में क्रांतिकारी ट्रिब्यूनल को समाप्त कर दिया गया।

1803 – ईस्ट इंडिया कंपनी ने उड़ीसा (अब ओडिशा) पर क़ब्ज़ा किया।

1911 – बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी सोसाइटी की स्थापना हुई।

1916 – प्रथम विश्व युद्ध के दौरान वेरदून में हुए लड़ाई में फ्रांस ने जर्मनी को हराया।

1917 – मोलदावियन गणराज्य ने रूस से स्वतंत्र होने की घोषणा की।

1953 – भारत की एस. विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र महासभा के आठवें सत्र की प्रथम महिला अध्यक्ष चुनी गई।

1965 – बांग्लादेश में गंगा नदी के तट पर आये चक्रवात में 15,000 लोगों की मौत हुई।

1976 – न्यूजीलैंड से स्वतंत्र हुआ समोआ संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना।

1982 – स्पेन ने जिब्राल्टर की सीमा को खोल दिया। स्पेन की नयी सोशलिस्ट सरकार ने मानवीय आधार पर आधी रात को यह दरवाजे खोलकर स्पेन और जिब्राल्टर के लोगों के बीच की दीवार को खत्म कर दिया।

1991 – जाने माने फिल्म निर्माता सत्यजीत रे सिनेमा जगत् में उनकी उपलब्धियों के लिए स्पेशल ऑस्कर से नवाजा गया।

1993 – जेनेवा में गैट (व्यापार एवं तटकर पर आम अहमति) विश्व व्यापार समझौते पर 126 देशों द्वारा हस्ताक्षर।

1995 – यूरोपीय यूनीयन के नेताओं में समग्र एकीकृत यूरोप की मुद्रा यूरो के लिए सहमति।

1997 – संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा किसी सार्वजनिक स्थान, वाहन या दफ़्तर पर उग्रवादियों द्वारा किये जाने वाले विस्फोटों को ग़ैर कानूनी घोषित किये जाने का प्रस्ताव पारित।

1997 – जैनेट रोसेनबर्ग जैगन गुयाना की राष्ट्रपति चुनी गईं। वह देश की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति होने के साथ ही गुयाना की पहली श्वेत राष्ट्रपति थीं।

1997 – अरुंधति रॉय को उनके उपन्यास ‘द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स’ के लिए ब्रिटेन के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार ‘बुकर पुरस्कार’ से नवाजा गया।

2000 – चेरनोबिल रिएक्टर सदा के लिए बंद।

2001 – इटली में पीसा की झुकी मीनार को 11 साल बंद रहने के बाद दोबारा खोला गया।

2003 – भूटान सरकार ने अपने यहां सक्रिय भारतीय अलगाववादियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की।

2005 – ईराक में नयी सरकार के गठन के लिए मतदान सम्पन्न।

2007 – पाकिस्तान में आपातकालीन नागरिक क़ानून लागू।

2008 – केन्द्रीय मंत्रिमण्डल ने आतंकवादी वारदात से निपटने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी के गठन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी।

2010 – ऑस्ट्रेलिया के क्रिसमस द्वीप के पास 90 शरणार्थियों को ले जा रहे एक नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने से 48 लोगों की मौत हुई।

2011 – इराक युद्ध का औपचारिक अंत। अमेरिका ने देश में अपना अभियान समाप्त करने का ऐलान किया।

2014 – सिडनी के एक कैफे में एक व्यक्ति हारुण मोनिस ने लोगों को 16 घंटे तक बंधक बनाया। पुलिस कार्रवाई में मोनिस के अलावा दो अन्य भी मारे गये।

जन्म

1892 – भगवंतराव मंडलोइ – मध्य प्रदेश के भूतपूर्व दूसरे मुख्यमंत्री थे।

1905 – आर. के. खाडिलकर – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे।

1908 – स्वामी रंगनाथानन्द – ‘रामकृष्ण संघ’ के एक हिन्दू संन्यासी थे। उनका पूर्व नाम ‘शंकरन कुट्टी’ था।

1935 – उषा मंगेशकर – ‘स्वर कोकिला’ कही गईं लता मंगेशकर की छोटी बहन व गायिका हैं।

1966 – भजन लाल शर्मा – राजस्थान के नये मुख्यमंत्री हैं।

1970 – शुभेन्दु अधिकारी – पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं।

1970 – बाबुल सुप्रियो – भारतीय पार्श्वगायक, लाइव परफ़ॉर्मर, टीवी होस्ट, अभिनेता और राजनीतिज्ञ और सांसद हैं।

1976 – बाइचुंग भूटिया – भारत के प्रसिद्ध फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में से एक हैं।

1981 – भरत छेत्री – भारत के हॉकी खिलाड़ी रहे हैं।

1988 – गीता फोगाट- भारतीय महिला पहलवान।

निधन

1749 – शिवाजी महाराज के पोते साहू जी का निधन।

1950 – सरदार वल्लभ भाई पटेल – भारत के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी एवं स्वतन्त्र भारत के प्रथम गृह मंत्री।

1952 – पोट्टि श्रीरामुलु – गांधी जी के अनुयायी स्वतन्त्रता सेनानी थे।

1985 – शिवसागर रामगुलाम – मॉरिशस के गवर्नर थे।

2000 – गौर किशोर घोष – कुशल पत्रकार तथा लेखक।

2021 – वरुण सिंह – भारतीय वायु सेना में चालक थे।

2024 – मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन का सैन फ्रांसिस्को में निधन।

महत्वपूर्ण दिवस

हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह)

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(Udaipur Kiran) / आकाश कुमार राय

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