किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास

बांदा, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के जघन्य मामले में हुकुम चंद्र निषाद को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। दोषी पर पाँच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे अदा न करने पर उसे तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।यह सनसनीखेज वारदात बबेरू थाना क्षेत्र के एक गाँव में 13 मई 2023 को हुई थी।
पीड़ित 11 वर्षीय किशोरी के पिता द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी शौच के लिए खेत की ओर गई थी। इसी दौरान हुकुमचंद्र निषाद ने उसे पकड़ लिया। उसने जबरदस्ती किशोरी का मुँह दबाकर रूमाल ठूँस दिया और अपने साफी (कपड़े) से उसके हाथ-पैर कसकर बाँध दिए। इसके बाद उसने लड़की के साथ दुष्कर्म किया।
किशोरी किसी तरह घर पहुँची और अपने पिता को पूरी घटना बताई। उसकी गंभीर हालत देखते हुए पिता उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बबेरू ले गए, जहाँ से उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद पिता आरोपी हुकुमचंद्र निषाद के घर गए, लेकिन वह वहाँ नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने बबेरू थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर 13 मई 2023 को प्राथमिकी दर्ज की गई।
तत्कालीन विवेचक एसआई पंकज कुमार सिंह ने जाँच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। दोषी के विरुद्ध 9 अगस्त 2023 को आरोप तय किए गए।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाह पेश किए गए। मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए, न्यायाधीश ने हुकुमचंद्र निषाद को दोषी करार दिया। सोमवार को अदालत ने दुष्कर्म के इस अपराधी को कठोर दंड और अर्थदंड की सज़ा सुनाई। यह जानकारी लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह ने दी।
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(Udaipur Kiran) / अनिल सिंह



