अलास्का वार्ता: पुतिन की कूटनीतिक जीत, ट्रंप को मिली निराशा – अब आगे क्या?

अलास्का में रूस और अमेरिका के Presidentयों की ऐतिहासिक मुलाकात के बाद वैश्विक राजनीति में नई हलचल देखी जा रही है. रूस के President व्लादिमीर पुतिन जहां अलास्का से ‘विजयी’ होकर लौटे, वहीं अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप को अपेक्षित सफलता नहीं मिली. 1867 में रूस ने अलास्का को आर्थिक तंगी के चलते अमेरिका को बेचा था, लेकिन 2025 में इस भू-राजनीतिक मुकाबले में पुतिन ने बड़ा दांव चल दिया.

Putin Trump Alaska meeting

गर्मजोशी, लेकिन नतीजों में ठहराव

ट्रंप-पुतिन की इस बैठक की शुरुआत भले ही गर्मजोशी से हुई—दोनों नेता एक ही बुलेटप्रूफ लिमोजिन में मुस्कुराते नजर आए—लेकिन संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में नतीजे बेहद सीमित रहे. पुतिन ने साफ कहा कि रूस को युद्ध के ‘मूल कारणों’ को खत्म करना है, जिसमें नाटो की सीमाओं का मुद्दा प्रमुख है. इससे स्पष्ट हो गया कि रूस फिलहाल यूक्रेन युद्ध रोकने को तैयार नहीं है. पुतिन ने अगली बैठक मॉस्को में रखने का सुझाव दिया, जिसमें यूक्रेन के President ज़ेलेंस्की की भूमिका कमजोर पड़ती दिखती है.

ट्रंप की रणनीति रही विफल

डोनाल्ड ट्रंप संवाद और मीडिया में सक्रिय रहने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार वे साढ़े तीन मिनट बोले और एक भी सवाल नहीं लिया. उन्होंने सिर्फ यह संकेत दिया कि वे नाटो और जेलेंस्की को बैठक की जानकारी देने के लिए कॉल करेंगे. विशेषज्ञों ने इस नतीजे को ट्रंप के लिए बड़ी निराशा और रूस के लिए कूटनीतिक जीत बताया.

रूस ने देखा व्यापारिक अवसर

रूसी प्रतिनिधिमंडल में हार्वर्ड-शिक्षित किरील दिमित्रिएव सहित शीर्ष आर्थिक सलाहकार भी शामिल थे, जिससे साफ है कि रूस ने इस शिखर वार्ता को राजनीतिक के साथ-साथ व्यापारिक दृष्टिकोण से भी देखा.

युद्ध का लंबा खिंचना तय

यूरोपीय नेताओं और यूक्रेन को थोड़ी राहत जरूर मिली कि बैठक में यूक्रेन की सीमाओं को लेकर कोई नई चर्चा नहीं हुई, लेकिन पुतिन का ‘मूल कारण’ वाला बयान स्पष्ट संकेत देता है कि युद्ध अभी और लंबा चल सकता है.

निष्कर्ष: जीत किसके खाते में?

ट्रंप के लिए यह जीत तब होती अगर वे तत्काल युद्धविराम करवा पाते. पुतिन के लिए कूटनीतिक जीत यही रही कि वे अस्पष्ट शब्दों में आगे की बातचीत के लिए सहमत हो गए और युद्ध जारी रख सके. 1867 में रूस ने अलास्का अमेरिका को बेचा था, लेकिन 2025 की कूटनीतिक जंग में पुतिन ने अलास्का से ‘विजयी’ वापसी की.

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