वॉशिंगटन, 16 अगस्त (Udaipur Kiran). अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप और रूस के President व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में शुक्रवार को आयोजित महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में यूक्रेन युद्ध के समाधान पर कोई निर्णायक सहमति तो नहीं बन पाई, लेकिन दोनों नेताओं ने बातचीत को सकारात्मक और प्रगति का संकेत देने वाली बताया. पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को में अगले दौर की वार्ता के लिए आमंत्रित किया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है. इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं.

गहन बैठक, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं
दी मॉस्को टाइम्स के अनुसार, एल्मेडॉर्फ-रिचर्डसन सैन्य बेस पर हुई इस बंद कमरे की बैठक में ट्रंप के साथ उनके सलाहकार और पुतिन के साथ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. करीब दो घंटे 45 मिनट चली इस चर्चा में यूक्रेन युद्ध के समाधान पर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई, लेकिन ऐतिहासिक शांति समझौते तक नहीं पहुंचा जा सका.
प्रेस कांफ्रेंस में साझा बयान, कोई ब्यौरा नहीं
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने मात्र 12 मिनट की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया गया. ट्रंप ने बैठक को उपयोगी बताया और कहा कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, हालांकि बड़ी बाधाओं के समाधान की दिशा में और प्रयास जरूरी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत की जानकारी यूक्रेन के President जेलेंस्की और नाटो को भी साझा की जाएगी.
मॉस्को में अगले दौर की बैठक
रूसी President पुतिन ने ट्रंप को अगली बार मॉस्को में वार्ता के लिए आमंत्रित किया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया. पुतिन ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन की भौगोलिक स्थिति रूस की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और जब तक सभी मुख्य कारणों को दूर नहीं किया जाता, तब तक स्थायी समझौता संभव नहीं है. उन्होंने ट्रंप की यूक्रेन की सुरक्षा को लेकर चिंता का स्वागत किया और भरोसा जताया कि आगे की बातचीत से शांति की ओर रास्ता खुलेगा.
यूक्रेन मुद्दे पर दोनों पक्षों की स्थिति
रूस की ओर से डोनबास और खेरसॉन क्षेत्रों से यूक्रेनी सेना हटाने, नाटो की सदस्यता की कोशिशें रोकने और पश्चिमी देशों की सैन्य सहायता बंद करने की मांग है. वहीं, यूक्रेन अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है और President जेलेंस्की ने कहा है कि बिना यूक्रेन के शामिल हुए कोई शांति समझौता संभव नहीं होगा.