उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से बाढ़ का खतरा, सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

देहरादून, 17 अगस्त (Udaipur Kiran) . Uttarakhand में लगातार तेज बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. राज्य में कम से मध्यम स्तर की बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

heavy rainfall

मौसम विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन, नई दिल्ली द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन जिलों में भारी बारिश के चलते कई जगहों पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है. संभावित खतरे को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं. आपदा प्रबंधन आईआरए प्रणाली के समस्त अधिकारी और नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे. मोटर मार्ग बाधित होने पर तत्काल उसे खुलवाने के लिए कहा गया है.

सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहेंगे. साथ ही अन्य संबंधित विभागों को भी चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, ऐसे में तटीय क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

कई सड़कें बंद, नदियां उफान पर

प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अनुसार मौलधार सेरकी सिल्ला, पुरूकुल से भितरली किमाड़ी, मालदेवता सेरकी सिल्ला से भैसवाड़ गांव, सहस्त्रधारा से सरोना, सोडा सरोली से अखंडवाली भिलंग, धारकोट से लड़वाको, दुधलानी चूनोउ से कामला, और त्यूनी चांदनी से पिवंवल मोटर मार्ग फिलहाल बंद हैं.

इसके अलावा अलकनंदा, भागीरथी, सरयू, यमुना, गोमती समेत राज्य की कई नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान के करीब बह रही हैं. तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है.

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