राजस्थान हाईकोर्ट ने डीआरटी का आदेश रद्द किया, बैंक को लौटाना होगा मकान का कब्जा

जयपुर, 18 अगस्त (Udaipur Kiran). Rajasthan हाईकोर्ट ने लोन की किस्तें समय पर नहीं चुकाने पर बैंक द्वारा जब्त की गई संपत्ति के मामले में ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के आदेश को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने डीआरटी को निर्देश दिया कि वह इस मामले की दो माह में दोबारा सुनवाई करे और याचिकाकर्ता को अपनी संपत्ति का कब्जा तत्काल वापस दिलाया जाए. यह आदेश जस्टिस अनूप ढंड ने जयपुर के रवि गोस्वामी और सविता गोस्वामी की अपील पर सुनाया.

Rajasthan High Court

याचिका में अधिवक्ता हेमंत कुमार शर्मा ने बताया कि समय पर किस्त नहीं चुकाने पर आईसीआईसीआई बैंक ने याचिकाकर्ता का खाता एनपीए घोषित कर दिया और संपत्ति जब्त कर ली. डीआरटी के आदेश के विरुद्ध याचिका दाखिल की गई, जिसमें कहा गया कि करीब 30 लाख रुपए का भुगतान भी किया गया, फिर भी बैंक ने जयपुर की सेज स्थित संपत्ति कब्जे में ले ली. याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से कहा कि डीआरटी ने बिना पक्ष सुने आदेश जारी कर दिया, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ.

बैंक ने हाईकोर्ट में सुनवाई पर सवाल उठाया, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डीआरटी को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन करते हुए याचिकाकर्ता को पूरा मौका देना चाहिए. हाईकोर्ट ने डीआरटी के आदेश को रद्द कर दिया और बैंक को निर्देश दिया कि संपत्ति का कब्जा याचिकाकर्ता को लौटाया जाए.

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