FASTag Annual Pass, जो टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने, विवादों को न्यूनतम करने और टोल क्रॉसिंग को किफायती बनाने के लिए लॉन्च किया गया है, को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. 15 अगस्त 2025 को प्राइवेट कार मालिकों के लिए शुरू किए गए इस पास को महज चार दिनों में पांच लाख से अधिक यूजर्स ने अपना लिया है. यह जानकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने दी है.

एक नजर में FASTag Annual Pass की खासियतें
FASTag Annual Pass सालाना ₹3,000 के फ्लैट रेट पर 200 नेशनल हाईवे ट्रिप्स की सुविधा देता है, यानी हर ट्रिप के लिए औसतन ₹15 खर्च होंगे. यह पास करीब 1,150 नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर मान्य है, लेकिन राज्य के टोल प्लाजा पर यह लागू नहीं है. इसके जरिए यूजर्स को बार-बार FASTag रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रा और भी सुविधाजनक हो जाएगी. यह पास सिर्फ निजी कार मालिकों के लिए है, कमर्शियल वाहनों के लिए नहीं.
तमिलनाडु में सबसे अधिक बिक्री, कर्नाटक और Haryana आगे
मंत्रालय के मुताबिक, बीते चार दिनों में सबसे ज्यादा FASTag Annual Pass तमिलनाडु में खरीदे गए, इसके बाद कर्नाटक और Haryana का नंबर आता है. टोल प्लाजा पर भी सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन तमिलनाडु, कर्नाटक और Andhra Pradesh में रिकॉर्ड किए गए हैं.
15 अगस्त शाम 7 बजे तक करीब 1.4 लाख यूजर्स ने FASTag Annual Pass खरीद लिया था और लगभग 1.39 लाख ट्रांजैक्शन टोल प्लाजा पर दर्ज किए गए थे.
राजमार्ग यात्रा ऐप की बढ़ती लोकप्रियता
FASTag Annual Pass को खरीदने में सहूलियत के लिए MoRTH का Rajmargyatra ऐप यूज किया जा रहा है, जिसे बीते कुछ दिनों में 15 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है. यह ऐप Google Play Store पर ट्रैवल कैटेगरी में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है और फिलहाल टॉप सरकारी ऐप बना हुआ है.