राजस्थान हाईकोर्ट का नगर निगम को कड़ा संदेश, जोधपुर की सफाई व्यवस्था पर लगाई फटकार

जोधपुर, 20 अगस्त (Udaipur Kiran). Rajasthan हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम की लापरवाही और शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. जस्टिस विनित कुमार माथुर और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने महेश गहलोत की याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर कड़ी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि जोधपुर शहर की स्वच्छता की स्थिति अत्यंत दयनीय है.

Rajasthan High Court

महेश गहलोत ने अधिवक्ता भीमकांत व्यास के माध्यम से लालसागर वन में अनासागर बांध से मलबा और कचरा हटाने के लिए याचिका दायर की थी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केवल अनासागर बांध का मामला नहीं, बल्कि पूरे जोधपुर शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़ा है. कोर्ट ने नगर निगम की लापरवाही को भयावह बताया और कहा कि अब कोई बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नगर निगम की ओर से अधिवक्ता ने निर्देशों को पूरा करने और सरकारी भूमि से मलबा/कचरा हटाने संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा. मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी.

हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

कोर्ट ने नगर निगम के अधिवक्ता को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह बताना होगा कि सफाई और मलबा, कचरा हटाने के लिए नगर निगम के पास कितने अधिकृत कर्मचारी हैं और उनमें से कितने वास्तव में कार्यरत हैं. नगर निगम को जोधपुर शहर की सड़कों, पार्कों से सफाई व मलबा हटाने की कार्ययोजना भी प्रस्तुत करनी होगी. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम आयुक्त उत्तर और दक्षिण द्वारा हलफनामा पेश नहीं किया गया, तो दोनों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया जाएगा.

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