राधे बायोटेक फैक्ट्री पर ग्रामीणों का गुस्सा, जहरीले केमिकल से पानी और मिट्टी बुरी तरह प्रदूषित

उदयपुर/मावली, 08 सितंबर (Udaipur Kiran News). मावली तहसील के मंडप गांव में स्थित राधे बायोटेक प्रा. लि. फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से औद्योगिक अपशिष्ट जल को अवैध तरीके से खेतों और नालों में बहा रही है, जिससे भूजल गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुका है. ग्रामीणों का कहना है कि इस जहरीले जल ने न सिर्फ फसलों की उर्वरता नष्ट कर दी है, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पशुधन को भी भारी खतरे में डाल दिया है.

Radhe Biotech

गंभीर प्रदूषण की पुष्टि

समर स्मृति फाउंडेशन के प्रमुख गौरव नागदा ने Chief Minister और Rajasthan राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत भेजी है, जिसमें PHED की जल-गुणवत्ता रिपोर्ट संलग्न है. रिपोर्ट के अनुसार –

  • नाइट्रेट: 200–500 mg/L (मानक सीमा 45 mg/L)

  • फ्लोराइड: 3–6 mg/L (मानक सीमा 1.0 mg/L)

  • TDS: 2000–5000 mg/L (मानक सीमा 500–2000 mg/L)

  • क्लोराइड और हार्डनेस भी सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक पाई गई.

WHO और ICMR के मानकों के मुताबिक इतना अधिक नाइट्रेट और फ्लोराइड पानी को Poisonous Water की श्रेणी में डालता है. इसके कारण बच्चों में ब्लू बेबी सिंड्रोम, युवाओं में कैंसर और किडनी फेल्योर, महिलाओं में गर्भपात और जन्मजात विकलांगता तथा पशुधन में दूध की गुणवत्ता में गिरावट और मृत्यु तक की आशंका बताई गई है.

सबूत नष्ट करने के आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन और उसके कारिंदे सबूत छिपाने के लिए आसपास के कुओं और नलकूपों का पानी बिना अनुमति पंप कर खाली कर रहे हैं. यह कार्यवाही ग्रामीणों के अधिकारों का हनन है और Indian न्याय संहिता की धारा 238 (साक्ष्य नष्ट करना) व धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत अपराध है. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में SDM मावली की मिलीभगत साफ दिखाई देती है.

संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन

गौरव नागदा ने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति समुदाय रहता है और जहरीले जल व प्रदूषित भूमि से उनका जीवन, स्वास्थ्य और आजीविका खतरे में है. यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) और अनुच्छेद 46 (जनजातीय समुदाय की विशेष सुरक्षा) का उल्लंघन है. साथ ही यह मामला SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी अपराध की श्रेणी में आता है.

ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन

Monday को मंडप और रठाणा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने SDM मावली कार्यालय का घेराव कर फैक्ट्री को तत्काल सीज करने की मांग की. साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन और सहयोगी अधिकारियों पर Water Act 1974, Environment Protection Act 1986, BNS की धारा 238, 61(2), 125 और SC/ST Act के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई.

ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को WHO/ICMR मानकों के अनुसार मुआवजा देने, शुद्ध पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य शिविर और पशु चिकित्सा सुविधा तुरंत शुरू करने की भी मांग की. गौरव नागदा ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीण समुदाय आंदोलन तेज करेगा और न्यायालय व NGT की शरण लेने को विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

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