जयपुर, 10 सितंबर (Udaipur Kiran News). Rajasthan हाईकोर्ट ने द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 पेपर लीक मामले में उदयपुर के बेकरिया थाने में दर्ज एफआईआर के आरोपी भूपेंद्र सारण को सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं. जस्टिस प्रवीर भटनागर की एकलपीठ ने यह आदेश भूपेंद्र सारण की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए दिए. अदालत ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह मुकदमे की ट्रायल पूरी होने तक हर माह के दूसरे और चौथे Saturday को संबंधित थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए. साथ ही थानाधिकारी उसकी उपस्थिति का रजिस्टर संधारित कर समय पर रिपोर्ट अदालत में पेश करेंगे.

हाईकोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि आरोपी को रिहा करने से पहले थानाधिकारी के जरिए जमानती का पता और संपर्क नंबर सत्यापित किया जाए. साथ ही आरोपी को बिना अनुमति देश छोड़ने पर रोक लगाई गई है और उसे अपना पासपोर्ट संबंधित प्राधिकरण को जमा कराना होगा. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी शर्तों का उल्लंघन करता है तो लोक अभियोजन उसकी जमानत रद्द करने के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकता है.
जमानत याचिका में अधिवक्ता महेंद्र शांडिल्य ने दलील दी कि याचिकाकर्ता को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है. वह 24 फरवरी 2023 से न्यायिक अभिरक्षा में है और सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है. उसके खिलाफ दर्ज 13 मामलों में से 10 मामले जेल जाने के बाद दर्ज हुए हैं. साथ ही अब तक निचली अदालत में आरोप तय नहीं हुए हैं और अभियोजन पक्ष के 93 गवाह हैं, जिससे सुनवाई लंबी चलने की संभावना है.
वहीं सरकारी वकील मानवेन्द्र सिंह ने विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर अन्य सह-आरोपियों के साथ शिक्षक भर्ती Examination का पेपर लीक और नकल कराने का गंभीर आरोप है. साल 2010 से 2024 तक विभिन्न Examination ओं में पेपर लीक मामलों में उसके खिलाफ दर्जनभर से अधिक प्रकरण दर्ज हैं. ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं मिलना चाहिए.
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने भूपेंद्र सारण को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.