राज्य खनन तत्परता सूचकांक में पंजाब, त्रिपुरा के साथ ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान पर उत्तराखंड

खनन तत्परता सूचकांक

देहरादून, 17 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) . केंद्रीय खनन मंत्रालय की गुरुवार को जारी राज्य खनन तत्परता सूचकांक में Uttarakhand को ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान मिला है. इस सूचकांक में Madhya Pradesh, Gujarat और Rajasthan को ‘ए’ कैटेगरी, गोवा, Uttar Pradesh और Assam ‘बी’ और Uttarakhand को Punjab और त्रिपुरा के साथ ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान प्रदान किया गया है.

इस संबंध में Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया को बताया कि यह उपलब्धि Uttarakhand सरकार के सशक्त शासन मॉडल, पारदर्शी नीतियों, दक्षता, सतत विकास और तकनीकी उन्नयन के प्रति किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए खनन क्षेत्र को सतत विकास की दिशा में अग्रसर करना है. Chief Minister ने कहा कि Himachal Pradesh और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के प्रतिनिधि व अधिकारी भी उत्तराखण्ड आकर खनन क्षेत्र में क्रियान्वित मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं तथा यहाँ की नीतियों और व्यवस्थाओं को अपने-अपने राज्यों में लागू करने के प्रयास कर रहे हैं.

उन्हाेंने कहा कि अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए सैटेलाइट आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है. खनिज परिवहन के लिए ई-रवन्ना प्रणाली को सख्ती से लागू कर राजस्व हानि पर प्रभावी रोक लगाई गई है. पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेस को अपनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बजट 2025–26 में की गई घोषणा के अनुरूप तैयार सूचकांक देश के विभिन्न राज्यों का मूल्यांकन खनन सुधारों, नीतिगत पारदर्शिता, पर्यावरणीय संतुलन, खनिज अन्वेषण क्षमता और प्रशासनिक दक्षता जैसे अनेक मापदंडों के आधार पर करता है. इस साल इस सूचकांक में Madhya Pradesh, Gujarat और Rajasthan को ‘ए’ कैटेगरी मिली है. इसके अलावा गोवा, Uttar Pradesh और Assam ‘बी’ और Uttarakhand को Punjab और त्रिपुरा के साथ ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान मिला है. खनन मंत्रालय के अनुसार, यह सूचकांक राज्यों में खनन क्षेत्र में बेंचमार्किंग और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने का कार्य करेगा, जिससे देशभर में खनन सुधारों की गति और पर्यावरण-अनुकूल नीतियों के क्रियान्वयन को और बल मिलेगा.

खनन विभाग ने बताया कि राज्य में खनन क्षेत्र के समुचित नियमन, सतत निगरानी और स्थानीय जनहितों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्ययोजनाएं लागू की जा रही हैं. भविष्य में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को और मज़बूती प्रदान की जाएगी. Uttarakhand सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में खनन क्षेत्र में पारदर्शी प्रक्रियाओं, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के लिए देश में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित हो.

(Udaipur Kiran) / विनोद पोखरियाल

Leave a Comment