
शिमला, 29 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Himachal Pradesh में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. Monday को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदेश मंत्रिमंडल ने शांतिपूर्ण धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया. इस धरने का नेतृत्व Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया. प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह, उपChief Minister मुकेश अग्निहोत्री सहित कैबिनेट के सभी मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मनरेगा योजना वर्षों से ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की रीढ़ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू करने जा रही है. इससे हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों को गंभीर नुकसान होगा. Chief Minister ने कहा कि मनरेगा के कमजोर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर घटेंगे और इसके साथ ही सड़कों, संपर्क मार्गों, सिंचाई योजनाओं, तालाबों और अन्य जरूरी विकास कार्यों पर भी असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यह योजना केवल मजदूरी तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का बड़ा माध्यम रही है.
उपChief Minister मुकेश अग्निहोत्री ने मनरेगा को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता को मजबूत आधार दिया. मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी की विचारधारा के विपरीत काम कर रही है और योजनाओं से गांधी का नाम हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मनरेगा को 12 महीने से घटाकर 10 महीने तक सीमित करना और इसे केंद्र सरकार की अधिसूचना पर निर्भर करना पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना पर सीधा हमला है.
उपChief Minister ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा से जुड़े अपने फैसले वापस नहीं लिए तो राज्य सरकार इस आंदोलन को और तेज करेगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो मनरेगा के समर्थन में विरोध को ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा.
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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा