उदयपुर | 08 जनवरी. (Udaipur Kiran). ग्रीन पीपल सोसायटी उदयपुर, Terriblue Climate Technologies (टेरीब्लू क्लाइमेट टेक्नोलॉजीज़) पुणे एवं Carbon Registry India (कार्बन रजिस्ट्री इंडिया) नई दिल्ली की एक अहम बैठक उदयपुर के चुंडा पैलेस में आयोजित की गई. बैठक का मुख्य उद्देश्य carbon trading के माध्यम से Rajasthan, विशेष रूप से मेवाड़ क्षेत्र की पंचायतों, ग्रामीणों और वृक्षारोपण से जुड़े समुदायों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ दिलाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा करना रहा.

बैठक की शुरुआत ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष राहुल भटनागर के स्वागत उद्बोधन से हुई. इसके बाद एस.एन. दवे और डॉ. सतीश शर्मा ने PowerPoint presentation के जरिए सोसायटी की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि किस प्रकार कार्बन ट्रेडिंग से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा सकता है.
Terriblue Climate Technologies, Pune के CEO प्रदीप मोटवानी, सदस्य उदय कृष्णन और आशीष ने कार्बन ट्रेडिंग की प्रक्रिया, इसके तकनीकी पहलुओं और खासतौर पर राजसमंद जिले सहित पूरे मेवाड़ क्षेत्र में इस अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी.
उदय कृष्णन ने carbon emission quantification और उसके वैज्ञानिक प्रमाणीकरण (scientific verification) के महत्व को रेखांकित किया.
वहीं Carbon Registry India, New Delhi के रिचर्ड ब्राइट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित carbon trading models की जानकारी साझा की और बताया कि इन्हें भारत में प्रभावी ढंग से लागू कर वृक्षारोपण करने वाले लोगों को आर्थिक लाभ कैसे पहुंचाया जा सकता है. बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि विद्यालय परिसरों में किए गए वृक्षारोपण को कार्बन ट्रेडिंग से जोड़कर स्कूलों को आर्थिक संबल दिया जा सकता है, जिस पर प्रदीप मोटवानी ने विशेष चर्चा की.
ग्रीन पीपल सोसायटी की ओर से राहुल भटनागर, प्रो. शरद श्रीवास्तव, प्रो. आई.जे. माथुर, एस.एन. दवे, डॉ. एस.के. वशिष्ठ, डॉ. ललित जोशी, सुहेल मजबूर, पी.एस. चुंडावत, यासीन पठान, वी.एस. राणा और डॉ. सतीश शर्मा ने बैठक में सक्रिय सहभागिता निभाई.
बैठक का समापन सोसायटी के उपाध्यक्ष प्रो. शरद श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.