मोदी की विदेश यात्राएं भारत में निवेश का सैलाब लाती हैं: तरुण चुघ

मुंबई, 17 मई: भाजपा के महासचिव तरुण चुघ ने Punjab के Chief Minister भगवंत मान की उन टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए थे. चुघ ने स्पष्ट किया कि मोदी की अंतरराष्ट्रीय यात्राएं केवल विश्राम के लिए नहीं होतीं, बल्कि 1.4 अरब Indian ों और देश के भविष्य के हितों की सेवा करती हैं. उन्होंने कहा कि इन यात्राओं से भारत में अरबों डॉलर का निवेश आता है और लाखों रोजगार के अवसर पैदा होते हैं.

चुघ ने मान की आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग Punjab के सार्वजनिक धन को विलासिता पर खर्च करते हैं और राज्य के विमान को टैक्सी की तरह इस्तेमाल करते हैं, उनके पास प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने Punjab में बढ़ती नशे की समस्या, किसानों की आत्महत्याएं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि मान राजनीतिक बयानों में उलझे हुए हैं, जबकि उन्हें इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि जबकि मोदी राष्ट्रीय चुनौतियों को अवसरों में बदल रहे हैं, विपक्ष केवल बहाने बना रहा है. मान ने पहले मोदी की छह दिन की अंतरराष्ट्रीय यात्रा का मजाक उड़ाते हुए पूछा था कि प्रधानमंत्री “घर से काम क्यों नहीं करते.”

चुघ ने कांग्रेस और विपक्ष पर पाकिस्तान और आतंकवाद के मुद्दे पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि मोदी के नेतृत्व में ‘नया भारत’ आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई में विश्वास करता है, केवल डोजियर फाइल करने में नहीं. उन्होंने कहा कि Indian सेना को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए निर्णय लेने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है, और अब दुश्मन देश भी भारत की सैन्य शक्ति से डरते हैं. उन्होंने सेना प्रमुख की चेतावनी का उल्लेख किया कि भारत हर आतंकवादी हमले का जवाब उस भाषा में देता है जिसे पाकिस्तान समझता है.

हैदराबाद में, भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने कहा कि मोदी ने अपनी पांच दिवसीय विदेश यात्रा के दौरान दुनिया को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान युद्ध और वैश्विक तनाव जल्द समाप्त नहीं होते हैं, तो दुनिया को आपूर्ति श्रृंखलाओं, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित गंभीर संकटों का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि मोदी का संदेश गहरा है और इसके दूरगामी प्रभाव हैं, जिसे वैश्विक समुदाय गंभीरता से ले रहा है.

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