
श्रीनगर, 18 मई: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 16-17 मई को श्रीनगर में ‘शक्ति संवाद’ नामक दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें 20 से अधिक राज्यों के महिला आयोगों के अध्यक्ष, सदस्य और सदस्य सचिव शामिल हुए. इस कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थागत समन्वय को बढ़ावा देना, क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करना और महिलाओं की भलाई और सशक्तिकरण पर संवाद को प्रोत्साहित करना था.
कार्यक्रम का उद्घाटन NCW की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने किया, जिन्होंने कहा कि आज महिलाएं शासन, न्यायपालिका, विज्ञान, मीडिया और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा, गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है. रहाटकर ने यह भी बताया कि महिला आयोग केवल शिकायत निवारण संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि महिलाओं के लिए विश्वास, समर्थन और न्याय के संस्थान हैं.
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह उपस्थित थे. उन्होंने भारत में महिलाओं के नेतृत्व में विकास को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित संस्थागत प्रयासों और नीति समर्थन के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी सामाजिक परिवर्तन के लिए शक्तिशाली उपकरण हैं, जो महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, उद्यमिता और डिजिटल अवसरों तक पहुंच बढ़ाना.
कार्यक्रम के दौरान सत्रों में महिलाओं के अधिकारों के दृष्टिकोण से राज्य कानून की समीक्षा, महिलाओं से संबंधित हालिया सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के निर्णय, स्टॉकिंग की समस्या पर कानूनी और संस्थागत प्रतिक्रियाएं, और नए श्रम कोड पर चर्चा की गई. विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने देशभर में महिलाओं को प्रभावित करने वाली उभरती चुनौतियों, कार्यस्थल की गरिमा और संस्थागत प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की.
कार्यक्रम का समापन भाग लेने वाले राज्य महिला आयोगों और NCW के बीच सहयोग को मजबूत करने, संस्थागत तंत्र में सुधार करने और महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ.