
New Delhi, अगस्त 13: संसद के मानसून सत्र में व्यवधानों के कारण लोकसभा की कार्यवाही को गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. यह सत्र का समापन है.
लोकसभा की बैठक सुबह 11 बजे ‘वन्दे मातरम्’ राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में उपस्थित थे. राष्ट्रगान के बाद, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही के अनिश्चितकाल के लिए स्थगन की घोषणा की.
विशेष रूप से, अध्यक्ष ओम बिरला ने इस सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता और कार्यवाही का सारांश प्रस्तुत करने वाला पारंपरिक समापन भाषण नहीं दिया.
सत्र के दौरान राम मंदिर के लिए दान में गड़बड़ी और NEET पेपर लीक मुद्दे को लेकर लगातार अराजकता बनी रही. विपक्ष ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध किया. इसके अलावा, उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त की और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सरकार से जवाब की मांग की.
विपक्ष के लगातार हंगामे के बावजूद, सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सफलतापूर्वक पारित किया. इनमें से कुछ विधेयक विपक्ष के सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण बिना बहस के पारित किए गए.
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा द्वारा पारित विधेयकों में खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, और कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक शामिल हैं.
इसके अतिरिक्त, बुधवार को लोकसभा ने विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजने के प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित किया.