
उदयपुर, अक्टूबर 11: हिंदुस्तान जिंक द्वारा उदयपुर में आयोजित ‘जिंक कौशल’ पहल के तहत मेगा जॉब फेयर 2026 का आयोजन शुक्रवार को किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य नौकरी चाहने वालों को रोजगार के अवसरों से जोड़ना और प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को प्रमुख कंपनियों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर प्रदान करना था.
इस आयोजन में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे उम्मीदवारों को करियर विकल्पों का पता लगाने और भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने का अवसर मिला.
30 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया
बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, आतिथ्य, स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षा, आईटी और आईटी-सक्षम सेवाओं, डेटा एनालिटिक्स, प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों की कंपनियों ने इस जॉब फेयर में भाग लिया.
उम्मीदवारों को 30 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे बातचीत करने, उद्योग की अपेक्षाओं को समझने और भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने का अवसर मिला. आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए 700 से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 300 का चयन किया गया.
विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में महाराणा प्रताप कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एस.एल. मेहता, उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट अंशुल मोहरा, आईआईएम उदयपुर के अरविंद शर्मा, आरएसएमएमएल के सीनियर मैनेजर धर्मेंद्र विजय, और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के सीएसआर के डिप्टी हेड अभय गौतम जैसे प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित थे.
कौशल विकास और रोजगार के अवसर
हिंदुस्तान जिंक ने छह कौशल केंद्रों का संचालन किया है, जिनके माध्यम से 12,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है. कंपनी ने 10,000 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा है.
यह मेगा जॉब फेयर रोजगार तक पहुंच को बेहतर बनाने और युवाओं के कौशल को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के प्रयासों का हिस्सा था.