
उदयपुर, अक्टूबर 13: पैसिफिक कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन ने 12 अक्टूबर को छात्रों के लिए “ज्ञान, कौशल और रचनात्मकता: सफल शिक्षक की पहचान” विषय पर एक दिवसीय प्रेरणादायक सेमिनार का आयोजन किया.
मुख्य वक्ता डॉ. खुशबू जैन ने शिक्षण कौशल, संचार क्षमताओं, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT), रचनात्मकता और कक्षा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने भविष्य के शिक्षकों को प्रभावी शिक्षकों बनने के लिए अपने पेशेवर कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया.
प्राचार्य ने शिक्षकों की बदलती भूमिका पर जोर दिया
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कपिलेश तिवारी ने कहा कि आज के शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान impart करने तक सीमित नहीं है. शिक्षकों को छात्रों में रचनात्मक सोच, आत्म-विश्वास और व्यावहारिक जीवन कौशल विकसित करने की आवश्यकता है.
उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को भविष्य के शिक्षकों के समग्र विकास के लिए मूल्यवान बताया.
सेमिनार के समन्वयक डॉ. एल. एन. चौबिसा ने अतिथि वक्ता का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट किया.
फैकल्टी सदस्यों ने कार्यक्रम में भाग लिया
सेमिनार में डॉ. शीला सालवी, दिलीप सिंह चौहान, डॉ. कविता सागर, डॉ. अंजली डाशोरा, डॉ. ममता व्यास, लक्ष्मी लाल स्वर्णाकर, गरिमा नागदा, अंजली राव और कृष्णा महेश्वरी सहित अन्य फैकल्टी सदस्य उपस्थित थे.
कार्यक्रम के अंत में, डॉ. कपिल जैन ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जिसमें उन्होंने अतिथि वक्ता, प्राचार्य, फैकल्टी सदस्यों और छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया.
सेमिनार ने भविष्य के शिक्षकों को ज्ञान, कौशल और रचनात्मकता को संयोजित करके प्रभावी शिक्षकों बनने के लिए प्रेरित किया.