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Thursday, 29 October 2026
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केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर की केंद्र पर वित्तीय निर्भरता बढ़ी- उमर अब्दुल्ला

केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर की केंद्र पर वित्तीय निर्भरता बढ़ी- उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर, 17 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद केंद्र पर उसकी वित्तीय निर्भरता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें राज्यों को कर्ज-जीडीपी अनुपात कम करने के लिए वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बारे में कहा गया था।

जम्मू-कश्मीर के वित्त मंत्री भी अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा कि जम्मू और कश्मीर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं है। हम वित्तीय संसाधनों के लिए काफी हद तक केंद्र पर निर्भर हैं। यह निर्भरता कम होने के बजाय, हमारे केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद बढ़ गई है। एक राज्य के रूप में हमें केंद्रीय करों से राज्य का हिस्सा मिलता था जो अब हमें नहीं मिलता है। इसलिए हमें बहुत सारा बजटीय बोझ सीधे केंद्र को हस्तांतरित करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि हालांकि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश की है कि वित्तीय अनुशासन में कोई ढिलाई न हो। जम्मू और कश्मीर में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार इस संबंध में हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन लोगों की सुरक्षा पर सबसे अधिक जोर देती है।

हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों की सुरक्षा और संरक्षा हो। हमने हाल ही में शायद उत्तराखंड में कहीं देखा कि एक आदमी बिना रस्सी बांधे बंजी जंपिंग करने चला गया। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि ऐसी कोई चीज़ यहाँ हो। जम्मू और कश्मीर में छिपे हुए पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने पर, अब्दुल्ला ने कहा कि पहले जाने-माने स्थलों को फिर से खोलने की ज़रूरत है।

उन्होंने कहा कि हम पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं लेकिन कई जगहें अभी भी पर्यटकों के लिए बंद हैं। जब आप गुलमर्ग जाते हैं तो आप गोंडोला से दोनों तरफ ज़्यादा दूर नहीं जा सकते, आप द्रुंग नहीं जा सकते। दूधपथरी जगह बंद है। पहले इन सभी जगहों को खोलें। कश्मीर के बिजली संकट पर अब्दुल्ला ने कहा कि नदियों में पानी का बहाव कम होने के कारण यूटी में बिजली उत्पादन में काफी कमी आई है।

उन्होंने आगे कहा कि हम जानते हैं कि यहाँ बहुत ठंड है और लोगों को खुद को गर्म रखने की ज़रूरत है लेकिन उन्हें बिजली का इस्तेमाल समझदारी से करना चाहिए।

(Udaipur Kiran) / बलवान सिंह

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