मणिकर्णिका घाट पर बाढ़ के बाद सफाई अभियान, गंदगी हटाकर दिया स्वच्छता का संदेश

वाराणसी, 20 अगस्त (Udaipur Kiran). स्वच्छता आरोग्य जीवन का आधार है—इसी संदेश के साथ वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर बाढ़ के बाद पसरी करीब 3 टन गंदगी को नमामि गंगे के स्वयंसेवी सदस्यों एवं नगर निगम के स्वच्छता कर्मचारियों ने बुधवार को साफ किया. घाट पर फैली गंदगी को हटाकर घाट की स्वच्छता और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए जनजागरण अभियान चलाया गया.

मणिकर्णिका

अभियान के दौरान गंगा तलहटी और सतही जल में तैर रही प्रदूषण कारक वस्तुओं को भी निकाला गया. स्वयंसेवी सदस्यों ने घाट पर बिखरा कचरा समेटकर उसे कूड़ेदान तक पहुंचाया और ‘गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है’ का संदेश दिया. स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से घाट पर मौजूद नागरिकों, दुकानदारों, पुरोहितों व मल्लाहों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई.

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि स्वच्छता रूपी संस्कार को अपनाकर हम कई बीमारियों से बच सकते हैं. उन्होंने बताया कि साफ-सफाई के अभाव और प्रदूषण के कारण मलेरिया, वायरल व डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है. अधिकतर लोग प्लास्टिक और कपड़े गंगा में फेंक देते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है. अभियान में नगर निगम के सुपरवाइजर सतीश कुमार गुप्ता, जय कुमार, राजू, श्यामबाबू, रीना देवी, सुनीता देवी, सीता कुमारी ने सक्रिय भागीदारी की.

Leave a Comment