व्यवसायिक दक्षता बढाने को लेकर आसनसोल में एआई कार्यशाला आयोजित

आसनसोल, 18 दिसंबर (Udaipur Kiran) ।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) या कृत्रिम बुद्धिमत्ता का मतलब कंप्यूटर और मशीनों को इंसानों की तरह सोचने, सीखने, तर्क करने और समस्याओं को हल करने की क्षमता देना है। ताकि वे ऐसे काम कर सकें जिनके लिए आम तौर पर मानवीय बुद्धि की ज़रूरत होती है। जैसे भाषा समझना, पैटर्न पहचानना और निर्णय लेना- एक तकनीक है जो मशीनों को डेटा से सीखकर खुद को बेहतर बनाने और जटिल कार्यों को स्वचालित करने में मदद करती है। व्यवसाय में कृत्रिम बुद्धिमता के माध्यम से दक्षता को बढाने के उदेश्य से गुरूवार को आसनसोल मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से आसनसोल क्लब में कार्यशाला आयोजित किया।
कार्यशाला का संचालन एआई विशेषज्ञ शिरीष अग्रवाल ने किया। इस कार्यशाला में सैकड़ों की संख्या में व्यवसायियों ने हिस्सा लिया और विशेषज्ञ की बातों को सुना।
आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष हीरक व्यास ने बताया कि एआई को लेकर कार्यशाला आयोजित की गयी। आज आधुनिक युग में एआई जीवन को सरल और सुलभ बनाने में मदद कर रही है। वैसे ही एआई व्यवसायियों को उद्योग के विस्तार तथा ग्रोथ में मदगार साबित होगा। एआई के मदद से पेपर वर्क कम हो जायेगा।
एआई विशेषज्ञ शिरीष अग्रवाल ने कहा कि विश्व में तेजी से बदलाव हो रहा है। एआई कार्य क्षमता को बढाता है। व्यवसाय के प्रचार तथा प्रसार के लिये कृत्रिम बुद्धिमता काफी आवश्यक टूल्स साबित होगी। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में जब स्फॉटवेयर इंडस्ट्रीज बंगाल में पहुंची तो यहां उसे नकार दिया गया। लेकिन वही बैंगलोर में सॉफ्टवेयर इंडस्ट्रीज का प्रसार और विस्तार हुआ। आज बैगलोर देश के सर्वश्रेष्ट शहरों में गिना जाता है। हमने कम्यूटर क्रांति का दौर देखा है। अब कृत्रिम बुद्धिमता का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसा भ्रम फैला रहे है कि एआई के कारण रोजगार छिन जायेगे। लेकिन एआई के माध्यम से रोजगार के अवसर और साधन उत्पन्न होंगे।
चेबर के संयुक्त सचिव नवीन अग्रवाल ने कहा कि एआई के माध्यम से व्यवसाय में काफी फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि जैसे की किसी निविदा के पहले कई प्रकार के जानकारी संग्रह करने के लिये पेपर वर्क करना पडता है। लेकिन एआई का साफ्टवेयर लॉड करने से पेपर वर्क कम हो जायेगा।
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(Udaipur Kiran) / संतोष विश्वकर्मा



