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Friday, 30 October 2026
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छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलवाद खत्म होते ही विकास की होगी नई शुरुआत : अमित शाह

बस्तर ओलंपिक 2025 का समापन भव्य समारोह

केंद्रीय गृह मंत्री ने जगदलपुर में किया हर घर रोशन प्रोजेक्ट का शुभारंभजगदलपुर, 13 दिसंबर (Udaipur Kiran) । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलवाद खत्म होते ही यहां विकास की नई शुरुआत होगी। इस अवसर पर शाह ने जगदलपुर में हर घर रोशन प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह के मुख्य आतिथ्य में आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में ओलंपिक 2025 का आखिरी समारोह हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक-2025 के समय हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सली इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे थे, इससे बस्तर का विकास रुका था। बस्तर से नक्सलवाद खत्म होते ही विकास की नई शुरुआत होगी। उन्हाेंने बताया कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा ये 7 जिले वर्ष 2030 तक देश के विशिष्ट जिलों में शामिल होंगे। उन्हाेंने कहा कि अब बस्तर के हर व्यक्ति के घर में सुविधाएं होंगी। 5 किमी के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधा होगी। वन उपज के लिए प्रोसेसिंग के लिए यूनिट लगेंगे। बस्तर के जिले डेरी के माध्यम से दुग्ध उत्पादन करेंगे। बस्तर के अंदर नई इंडस्ट्री, अस्पताल समेत अन्य चीजें लगेंगी। उन्हाेंने कहा कि बस्तर की संस्कृति दुनिया भर में सबसे खूबसूरत है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है।

शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह लक्ष्य तय किया है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश को नक्सलवाद से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं फिर बस्तर आएंगे और तब तक यह संकल्प पूरा हो चुका होगा। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर अब डर और हिंसा की पहचान नहीं रहा, बल्कि विकास और खेल की नई मिसाल बन रहा है। आने वाले समय में बस्तर के खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 01 लाख 65 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है और बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना गया है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ों में नक्सलियों को मारने का लक्ष्य नही रखा था, क्योंकि 2000 से अधिक नक्सली युवाओं ने आत्मसर्मपण भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन ने नक्सली युवाओं को ढांढस भी बंधाया है और हिम्मत भी दी है। उन्होंने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग आज भी हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा वापिस में लाने का काम करें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, व‍िधानसभा अध्‍यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और सांसद महेश कश्यप सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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(Udaipur Kiran) / राकेश पांडे

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