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Wednesday, 28 October 2026
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बलरामपुर : दुर्गम पहाड़ियों में विकास की धारा, बच्चों की एक मांग ने बदल दी गांवों की तस्वीर

नल की फाेटाे

बलरामपुर, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) । जिले के कुसमी विकासखंड का चुनचुना-पुंदाग अंचल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जरूर है, लेकिन लंबे समय तक यह इलाका कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सल प्रभाव के चलते विकास से दूर रहा। पहाड़ों, जंगलों और दुर्गम रास्तों के बीच बसे इस क्षेत्र के गांवों में जीवन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संघर्षपूर्ण रहा है। चुनचुना-पुंदाग, पीपरढाबा, चरहू और बरपाट जैसे गांवों में निवास करने वाली पहाड़ी कोरवा जनजाति के लिए सड़क, बिजली और साफ पानी जैसी सुविधाएं वर्षों तक दूर की बात बनी रहीं।

बीते कुछ वर्षों में हालात तेजी से बदलने लगे हैं। शासन की नक्सल उन्मूलन नीति, सुरक्षा बलों की सक्रिय मौजूदगी और जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल ने इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ते भरोसे के चलते अब योजनाएं पहाड़ियों और जंगलों को पार कर गांवों तक पहुंच रही हैं।

इसी बदलाव की एक भावुक तस्वीर तब सामने आई जब चरहू और पीपरढाबा के स्कूली बच्चों ने प्रशासन के सामने अपने स्कूल में पीने के पानी की व्यवस्था करने की मासूम अपील की। बच्चों की यह सीधी और सच्ची मांग जिला कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार कटारा तक पहुंची। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल स्थल निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के बाद चरहू की प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, पीपरढाबा आंगनबाड़ी केंद्र और सोनपुर के बरपाट गांव में हैंडपंप लगाने का निर्णय लिया गया। दुर्गम पहाड़ी रास्तों, जंगलों और नदी-नालों के कारण मशीनों को गांवों तक पहुंचाना आसान नहीं था, लेकिन प्रशासनिक टीम ने वैकल्पिक मार्ग तैयार कर इस चुनौती को भी पार कर लिया।

जब इन स्थानों पर पहली बार स्वच्छ पानी निकला तो ग्रामीणों की खुशी देखने लायक थी। महिलाओं ने राहत महसूस की कि अब उन्हें पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों तक नहीं जाना पड़ेगा, वहीं बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी के पास ही सुरक्षित पेयजल मिलने लगा है।

चुनचुना-पुंदाग क्षेत्र में यह पहल केवल पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि उस बदलाव का प्रतीक है जिसमें शासन और प्रशासन दुर्गम इलाकों तक पहुंच बनाकर लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार ला रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे क्षेत्रों में सुशासन और समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाती रहेगी।

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(Udaipur Kiran) / विष्णु पांडेय

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