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Friday, 30 October 2026
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मप्र में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी के 8 ठिकानों पर छापा

सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी के ठिकानों पर छापा
सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी के ठिकानों पर छापा

इंदौर, 15 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । मध्य प्रदेश लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को गोपनीय शिकायत के आधार पर सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के 8 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें से 7 ठिकाने इंदौर और एक ठिकाना ग्वालियर में है। इंदौर में कैलाश कुंज, बिजनेस स्काई पार्क सहित सात और ग्वालियर में इंद्रमणि नगर स्थित घर पर सर्चिंग की जा रही है।

लोकायुक्त की टीम बुधवार सुबह सबसे पहले इंदौर के पलासिया स्थित फ्लैट पर पहुंची और सर्चिंग शुरू की। टीम ने फ्लैट में रखे दस्तावेजों की जांच शुरू की और लाखों रुपये नगद, महंगे आभूषण, विदेशी मुद्रा और लाइसेंसी हथियार जब्त किए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इंदौर स्थित फ्लैट की संपत्ति की कीमत ही 7 से 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ग्वालियर के विवेक नगर स्थित धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के निवास पर भी पहुंची। यहां दस्तावेजों और संपत्ति की जांच की जा रही है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई भदौरिया के कुल 8 ठिकानों पर एक साथ की जा रही है। हर ठिकाने पर टीम दस्तावेजों, बैंक खातों और घर में रखी संपत्ति की बारीकी से जांच कर रही है।

जांच में जुटे लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न बैंकों में उनके पांच लाकर निकले हैं। इसके साथ ही उनके कई बैंकों में खाते भी पाए गए हैं। उनके पास में बड़ी संख्या में गाड़ियां भी पाई गई है। इनकी जांच की जा रही कि इनमें से कौन सी गाड़ी किसके नाम पर है। भदोरिया के द्वारा काउंटी बाग में 4700 स्क्वायर फीट क्षेत्र में आलीशान बंगला बनाने का काम किया जा रहा था। मनोरमा गंज में उनके पास में तीन बेडरूम हॉल किचन का आलीशान फ्लैट हैं। इसके साथ ही उनके घर की तलाशी के दौरान 500 यूरो के 10 नोट मिले हैं। इस तरह से उनके पास में 5000 यूरो भी पाए गए हैं।

धर्मेंद्र सिंह भदौरिया 1987 में आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। वे अगस्त 2025 को अलीराजपुर के जिला आबकारी अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए थे। इससे पहले 2020 में शराब ठेकों की नीलामी में लापरवाही के चलते उनको निलंबित किया गया था। नीलामी समय पर नहीं होने के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी। जांच में सामने आया है कि उनके बेटे सूर्यांश भदौरिया फिल्मों में निवेश करते थे। बेटी का भी फिल्मों में पैसा लगाने से जुड़ा लिंक सामने आया है।—

(Udaipur Kiran) तोमर

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