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Friday, 30 October 2026
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सॉल्ट लेक स्टेडियम की घटना को लेकर भाजपा ने ममता सरकार पर हमला बोला

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा प्रवक्ता

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (Udaipur Kiran) । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई तोड़फोड़ की घटना को पूरे देश को शर्मसार करने वाला बताते हुए पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर हमला बोला है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रख्यात फुलबॉलर लियोनल मेसी के कार्यक्रम में जिस प्रकार की अव्यवस्था, भगदड़ हुई, उससे सिर्फ कोलकाता और पश्चिम बंगाल नहीं, बल्कि हर भारतीय का सिर शर्म से झुक गया। जिस तरह का कुप्रबंधन और छल-कपट हुआ, उससे हर भारतीय शर्मिंदा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार में पश्चिम बंगाल तबाह हो चुका है। यह इस बात का सबूत है कि राज्य कितनी दयनीय स्थिति में पहुंच गया है। ऐसी ही स्थिति आईपीएल के बाद बेंगलुरु और तमिलनाडु में भी हुई थी। इससे पता चलता है कि इन राज्यों का नेतृत्व खुद को कानून से ऊपर समझता है। यह इंडी गठबंधन के सभी नेताओं का चरित्र दर्शाता है।

डॉ. त्रिवेदी ने इंडी गठबंधन से सवाल पूछा कि ऐसी घटनाएं केवल उन्हीं राज्यों में क्यों होती हैं जहां उनकी सरकार है?

विगत चार जून को आईपीएल के जश्न के बाद कर्नाटक में भगदड़ मच गई।

27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु में भी इसी तरह की अराजकता और कुप्रबंधन देखने को मिला।

यह स्पष्ट रूप से एक कमजोर कानून व्यवस्था को दर्शाता है, जहां सत्ता में बैठे लोग खुद को कानून से ऊपर समझते हैं।

अधिकार के पदों पर बैठे लोग सार्वजनिक आयोजनों को अपने व्यक्तिगत अहंकार की संतुष्टि का साधन बना लेते हैं। उन्होंने तमिलनाडु सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कार्तिकई दीपम उत्सव ब्रिटिश काल से चला आ रहा है। वर्ष 1931 के एक फैसले में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि दरगाह के पास के कुछ क्षेत्र को छोड़कर पूरी पहाड़ी देवस्थानम की है। तमिलनाडु सरकार का निंदनीय रवैया देश के लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर कलंक है। जब उच्च न्यायालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि स्तंभ के पास 10 लोग दीपक जला सकते हैं, तब राज्य सरकार के वकील ने स्तंभ के अस्तित्व के प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को धमकाने के लिए महाभियोग का प्रस्ताव रखा गया। यह केवल वोट बैंक की राजनीति नहीं है, बल्कि भारत की मूल पहचान पर एक ढांचागत, कुटिल हमला है। —————

(Udaipur Kiran) / विजयालक्ष्मी

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